17वें जन्मदिन पर समाज सेवा की मिसाल, छपरा के आयुष राज ने चार टीबी मरीजों को लिया गोद
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाने की दिशा में छपरा के 17 वर्षीय छात्र आयुष राज ने एक प्रेरणादायी पहल की है। स्वास्थ्य विभाग, यक्ष्मा विभाग तथा ठाकुर बाड़ी महिला विकास कल्याण समिति की अपील से प्रेरित होकर आयुष राज ने अपने 17वें जन्मदिवस के अवसर पर चार टीबी मरीजों को गोद लिया और अपने जन्मदिन को सेवा एवं संवेदना से जोड़ते हुए समाज के सामने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आर. पी. सिंह ने इस अवसर पर कहा कि आयुष राज जैसे युवाओं की सहभागिता से ही सामाजिक बदलाव संभव है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी जब अपने व्यक्तिगत अवसरों को समाज सेवा से जोड़ती है, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। आयुष द्वारा टीबी मरीजों को गोद लेना न केवल मरीजों के लिए संबल है, बल्कि यह समाज में टीबी उन्मूलन के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है।
यक्ष्मा विभाग के डीपीसी हिमांशु शेखर ने आयुष राज के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन लक्ष्य को हासिल करने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग की भागीदारी आवश्यक है। युवाओं की सक्रिय सहभागिता से टीबी मरीजों को पोषण सहायता और मानसिक बल मिलता है, जिससे उनका इलाज प्रभावी ढंग से पूरा हो पाता है। उन्होंने आम लोगों, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे भी आगे आकर टीबी मरीजों को गोद लें और वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत के संकल्प को मजबूत करें।
सदर अस्पताल परिसर स्थित यक्ष्मा विभाग के एसटीएलएस कुमार अमित ने कहा कि आयुष राज की यह पहल यह सिद्ध करती है कि सेवा और संवेदना के लिए उम्र कोई सीमा नहीं होती। उन्होंने बताया कि आयुष ने घर-परिवार में टीबी मरीजों को गोद लेने की चर्चा सुनकर इस विचार को अपनाया और अपने जन्मदिन को यादगार बना दिया। कम उम्र में सामाजिक दायित्वों का निर्वहन करना निश्चित रूप से अन्य युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
इस अवसर पर डीपीसी हिमांशु शेखर, डीपीएस मुकेश कुमार, एसटीएस मुकेश कुमार, एलटी संजेश कुमार, सहायक संजय कुमार, गुड़िया कुमारी, परिचारी सुनील कुमार, नरेश राय, कृष्ण राय सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे और आयुष राज के इस मानवीय कदम की प्रशंसा की।

