चर्चित युवा कवि विजय यादव बने विश्व हिंदी परिषद, असम के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष
नई दिल्ली/गुवाहाटी। हिंदी और मैथिली भाषा के चर्चित कवि, गायक एवं गीतकार विजय यादव को विश्व हिंदी परिषद के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ का असम प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन विश्व हिंदी परिषद की केंद्रीय कार्यकारिणी द्वारा किया गया है, जिसकी आधिकारिक सूचना परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्मश्री एवं पद्मभूषण से सम्मानित आचार्य यालगड्डा लक्ष्मी प्रसाद के आलोक में राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार द्वारा मनोनयन पत्र के माध्यम से दी गई। इस नियुक्ति के बाद हिंदी प्रेमियों, साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों में हर्ष का माहौल है।
विजय यादव हिंदी एवं मैथिली साहित्य के एक सशक्त हस्ताक्षर माने जाते हैं। उनके दो कविता संग्रह ‘कर्म पथ का राही’ और ‘विजय वाणी’ प्रकाशित हो चुके हैं। वर्तमान में वे भारतीय रेलवे में निरीक्षक के पद पर गुवाहाटी, असम में कार्यरत हैं। पूर्वोत्तर भारत में हिंदी के प्रचार-प्रसार में उनके योगदान को देखते हुए यह मनोनयन साहित्यिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
उल्लेखनीय है कि विजय यादव को राजभाषा हिंदी में उत्कृष्ट कार्य के लिए असम, अरुणाचल प्रदेश एवं सिक्किम के राज्यपालों तथा असम के मुख्यमंत्री द्वारा प्रशंसा पत्र प्राप्त हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त रेलवे बोर्ड और पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के महाप्रबंधक द्वारा भी उन्हें कई बार सम्मानित किया गया है। विश्व हिंदी परिषद के महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि यह मनोनयन असम के साथ-साथ बिहार, विशेषकर मिथिला क्षेत्र के लिए भी गौरव की बात है।
परिषद ने आशा व्यक्त की है कि विजय यादव अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए असम और पूरे पूर्वोत्तर में हिंदी को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। विश्व हिंदी परिषद का मूल उद्देश्य हिंदी को विश्व भाषा के रूप में स्थापित करना तथा भारतीय भाषाओं के सहयोग से हिंदी को राष्ट्रभाषा के रूप में सुदृढ़ करना है, जिसमें सांस्कृतिक प्रकोष्ठ की भूमिका अहम मानी जाती है।
विजय यादव के मनोनयन की खबर मिलते ही रेलवे, बैंकिंग, साहित्य और पत्रकारिता जगत से जुड़े अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने उन्हें बधाइयां दीं। पूर्व प्रधान मुख्य वाणिज्य प्रबंधक रेलवे शैलेन्द्र कपिल, पूर्वोत्तर सीमा रेलवे के उप महाप्रबंधक (राजभाषा) संजय सिंह, वरिष्ठ कवि राम किशोर उपाध्याय, ओम प्रकाश शुक्ल, दैनिक जागरण के वरिष्ठ पत्रकार राजीव झा सोनू सहित पूर्वोत्तर के सैकड़ों हिंदी पत्रकारों, कवियों, शिक्षाविदों एवं सरकारी अधिकारियों ने शुभकामनाएं प्रेषित कीं। सभी ने यह विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में असम में हिंदी और राजभाषा के प्रचार-प्रसार को नई गति मिलेगी।

