15 दिनों के भीतर नियोजन उपलब्ध नहीं, तो लाभार्थियों को मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
VB-G-RAM-G Act 2025 पर जिला स्तरीय कार्यशाला, मनरेगा कर्मियों को मिली नई रोजगार गारंटी कानून की जानकारी
/// जगत दर्शन न्यूज
छपरा (बिहार) 30 दिसंबर 2025
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)-2025 अर्थात VB-G-RAM-G Act 2025 के प्रावधानों से मनरेगा कर्मियों को अवगत कराने के उद्देश्य से छपरा स्थित श्री भिखारी ठाकुर प्रेक्षा गृह में जिला स्तरीय प्रशिक्षण-सह-उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण रोजगार व्यवस्था में लागू किए जा रहे नए कानून की व्यवहारिक समझ विकसित करना रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत जिला कार्यक्रम पदाधिकारी कुंदन कुमार द्वारा VB-G-RAM-G Act 2025 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी के साथ की गई। उन्होंने बताया कि यह नया अधिनियम महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम के स्थान पर लागू किया गया है। इस कानून के तहत विकसित भारत जी-राम-जी योजना की शुरुआत ग्राम पंचायत स्तर से होगी, जिसे प्रखंड, जिला और राज्य स्तर पर संकलित किया जाएगा। योजना के अंतर्गत जल संचयन से जल सुरक्षा, मूलभूत बुनियादी ढांचे का विकास, आजीविका से जुड़ी संरचनाएं और मौसम संबंधी आपदाओं के न्यूनीकरण जैसे चार प्रमुख क्षेत्रों में कार्य किए जाएंगे।
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी ने बताया कि VB-G-RAM-G Act 2025 के तहत प्रत्येक इच्छुक ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष 125 दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। यह योजना केवल केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित ग्रामीण क्षेत्रों में लागू होगी। इसके अंतर्गत ग्रामीण प्रौद्योगिकी के उपयोग से विकसित ग्राम पंचायत योजना (VGPP) तैयार करना अनिवार्य किया गया है। योजना का वित्तपोषण केंद्र और राज्य सरकार द्वारा 60:40 के अनुपात में किया जाएगा। यदि रोजगार की मांग के 15 दिनों के भीतर नियोजन उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो लाभार्थियों को बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने इसे ग्रामीण क्षेत्रीय असमानता को कम करने और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
कार्यशाला में निदेशक राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम, DRDA, श्रीमती सुमिता कुमारी द्वारा मनरेगा योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उन्होंने मानव दिवस सृजन, ई-केवाईसी, आधार सीडिंग, मनरेगा से आवास लाभुकों का मजदूरी भुगतान, लंबित एफटीओ जैसे विषयों पर सात दिनों के भीतर अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही मनरेगा के तहत निर्मित आंगनबाड़ी केंद्रों को BALA मॉडल के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम में संबंधित विभागों के पदाधिकारी और मनरेगा कर्मी उपस्थित रहे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नए अधिनियम के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी स्तरों पर समन्वय और समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

