डीएम ने किया राम जानकी पथ परियोजना का स्थलीय निरीक्षण, मुआवजा भुगतान में तेजी लाने के सख्त निर्देश
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह:जिलाधिकारी सारण श्री वैभव श्रीवास्तव ने आज 20 दिसंबर 2025 को राम जानकी पथ परियोजना के अंतर्गत मशरख प्रखंड में चल रहे सड़क निर्माण एवं भू-अर्जन कार्यों की अद्यतन स्थिति का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मढ़ौरा, परियोजना निदेशक एनएचएआई छपरा, पुलिस उपाधीक्षक मशरख, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष मशरख मौजूद रहे। निरीक्षण के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की प्रगति, मुआवजा भुगतान की स्थिति तथा रैयतों से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की।
निरीक्षण में यह तथ्य सामने आया कि मुआवजा भुगतान की प्रगति अपेक्षाकृत धीमी है और बड़ी संख्या में रैयतों द्वारा अब तक अपने भूमि संबंधी कागजात जमा नहीं कराए गए हैं। इस पर जिलाधिकारी ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि मौजा बनसोई एवं दुमदुमा में दिनांक 24 दिसंबर 2025 और 26 दिसंबर 2025 को विशेष कैंप का आयोजन किया जाए। इन कैंपों के आयोजन से पूर्व संबंधित क्षेत्रों में बड़े-बड़े बैनर और पोस्टर लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, जिसमें सभी संबंधित पदाधिकारियों के मोबाइल नंबर, कैंप स्थल एवं तिथि स्पष्ट रूप से अंकित हों, ताकि अधिक से अधिक रैयत कैंप में पहुंच सकें।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि कैंप के दौरान रैयतों से सभी आवश्यक दस्तावेज उसी दिन प्राप्त कर त्रुटियों का त्वरित निराकरण किया जाए, ताकि मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके। साथ ही अन्य छह मौजों में भी नियमित रूप से इसी प्रकार कैंप आयोजित करने और उससे पहले व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि जिला मुख्यालय स्थित आपदा नियंत्रण कक्ष एवं जिलाधिकारी नियंत्रण कक्ष के माध्यम से रैयतों से निरंतर संपर्क कर उन्हें कागजात जमा करने के लिए प्रेरित करें।
अंचलाधिकारी एवं थानाध्यक्ष मशरख को निर्देश दिया गया कि सभी संबंधित रैयतों के साथ बैठक कर आपसी विचार-विमर्श के माध्यम से दस्तावेज एकत्र करें। जिन मामलों में कागजात में त्रुटि या पारिवारिक विवाद हैं, उनका अविलंब समाधान कराया जाए। इसके अतिरिक्त अंचल कार्यालय में एक हेल्प डेस्क स्थापित कर प्रतिदिन कार्यालय अवधि में रैयतों से दस्तावेज प्राप्त करने तथा इसकी जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का भी निर्देश दिया गया।
प्रखंड विकास पदाधिकारी मशरख को पंचायत स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश देते हुए कहा गया कि सभी पंचायत सचिवों को वंशावली निर्माण में रैयतों का पूरा सहयोग सुनिश्चित करने को कहा जाए। वहीं जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और परियोजना निदेशक एनएचएआई छपरा को यह निर्देश दिया गया कि प्राथमिकता के आधार पर जिन संरचनाओं का निर्माण होना है, उनसे संबंधित रैयतों को पहले मुआवजा भुगतान कर निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जाए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मौके पर उपस्थित रैयतों से भी अपील की कि वे अपने भूमि संबंधी सभी कागजात शीघ्र अंचल कार्यालय अथवा जिला भू-अर्जन कार्यालय में जमा कराएं, ताकि मुआवजा राशि का भुगतान जल्द से जल्द किया जा सके और सरकार की इस महत्वाकांक्षी राम जानकी पथ परियोजना का कार्य सुचारू रूप से आगे बढ़ सके।

