सारण: हत्या कांड में तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा
सारण (बिहार): सारण जिले में गंभीर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं त्वरित न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में सारण पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, सारण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, त्वरित विचारण के तहत हत्या के एक जघन्य मामले में माननीय न्यायालय द्वारा तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास एवं 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
पुलिस मुख्यालय के निर्देश के आलोक में वर्ष 2025 के दौरान सारण जिले में गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों को चिन्हित कर उनके त्वरित विचारण की प्रक्रिया लगातार चल रही है। इसी क्रम में आज दिनांक 22 दिसंबर 2025 को माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-04, सारण छपरा, श्री राघवेन्द्र विक्रम सिंह परमार द्वारा सोनपुर थाना कांड संख्या 235/21, दिनांक 03 मई 2021, धारा 302/120(बी)/34 भा.द.वि. एवं 27 आर्म्स एक्ट (सत्रवाद संख्या 606/22) में सुनवाई पूर्ण की गई।
माननीय न्यायालय ने इस मामले में तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए धारा 302 भा.द.वि. के तहत आजीवन कारावास एवं प्रत्येक को 25-25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्तों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत प्रत्येक अभियुक्त को दो-दो वर्ष के कारावास की भी सजा दी गई है।
इस मामले में अनुसंधानकर्ता द्वारा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान करते हुए साक्ष्यों को ससमय संकलित कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से डॉक्टर एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल नौ साक्षियों की गवाही कराई गई। लोक अभियोजक श्री सर्वजीत ओझा एवं अधिवक्ता श्री समीर कुमार मिश्रा ने प्रभावी ढंग से अभियोजन पक्ष का प्रतिनिधित्व किया।
सजा पाए अभियुक्तों की पहचान सुनिल राय, पिता बच्चू राय, सुमन राय, पिता बच्चू राय, तथा भुषण राय उर्फ शशि कुमार यादव उर्फ छोटू, पिता अशोक राय, सभी निवासी परमानंदपुर पोखरा, थाना सोनपुर, जिला सारण के रूप में की गई है।
सारण पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों में आगे भी लक्ष्य निर्धारित कर त्वरित विचारण कराते हुए अभियुक्तों को सख्त सजा दिलाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा। आम नागरिकों की सुरक्षा एवं न्याय व्यवस्था को मजबूत करना सारण पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

