सारण: साइबर अपराध अनुसंधान को मजबूत करने के लिए तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
सारण (बिहार): साइबर अपराधों की बढ़ती घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और वैज्ञानिक अनुसंधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सारण पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, सारण के निर्देशन में साइबर थाना, सारण द्वारा तीन दिवसीय विशेष साइबर अनुसंधान मॉड्यूल आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम जिले में साइबर अपराधों की त्वरित, प्रभावी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ जांच की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन पुलिस उपाधीक्षक सह थानाध्यक्ष, साइबर थाना, सारण के नेतृत्व में किया जा रहा है। इसके अंतर्गत सारण जिले के सभी थानों से तकनीकी रूप से दक्ष एक-एक पुलिस पदाधिकारी को साइबर नोडल पदाधिकारी के रूप में चयनित किया गया है। इन अधिकारियों को साइबर अपराध से जुड़े मामलों के शीघ्र और प्रभावी अनुसंधान के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। साथ ही, प्रत्येक थाना से एक-एक ऑपरेटर को भी साइबर कांडों के अनुसंधान में सहयोग हेतु व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण के दौरान पुलिस कर्मियों को साइबर अपराधों की पहचान, डिजिटल साक्ष्य का संकलन, तकनीकी अनुसंधान की प्रक्रिया, ऑनलाइन धोखाधड़ी, सोशल मीडिया से जुड़े अपराध, साइबर फ्रॉड के नवीनतम तरीकों और उनके प्रभावी निराकरण की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। इस मॉड्यूल का मुख्य उद्देश्य साइबर मामलों की जांच को वैज्ञानिक पद्धति से करते हुए त्वरित निष्कर्ष तक पहुंचना है, ताकि पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सके।
सारण पुलिस का यह प्रयास जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। इससे न केवल पुलिस बल की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी साइबर ठगी और ऑनलाइन अपराधों से बेहतर सुरक्षा मिल सकेगी।
सारण पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में घबराएं नहीं और तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या अपने नजदीकी थाना अथवा साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत से साइबर अपराधियों तक पहुंचना और नुकसान की भरपाई संभव हो पाती है।

