बिहार: पिता की अर्थी देखकर टूटा दिल, सदमे से बेटी की भी मौत; एक साथ उठीं दो अर्थियां
सारण (बिहार): मांझी प्रखंड के बलेसरा गांव में मंगलवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां पिता के निधन की सूचना पर मायके पहुंची बेटी अपने पिता की सजती अर्थी देखकर गहरा सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी और हार्टअटैक से उसकी भी मौत हो गई। इस दोहरी त्रासदी से पूरे गांव और दोनों परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार बलेसरा गांव निवासी व समाजसेवी 84 वर्षीय रामचंद्र सिंह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रहे थे। मंगलवार को उनका निधन हो गया। इसके बाद परिजनों द्वारा सगे-संबंधियों को सूचना दी गई। इसी क्रम में मृतक की बेटी, चेंफुल गांव निवासी अखिलेश सिंह की पत्नी 55 वर्षीय मीना देवी को यह बताया गया कि उनके पिता की तबीयत खराब है। सूचना मिलते ही वे अपने परिजनों के साथ मायके बलेसरा पहुंचीं।
जब मीना देवी ने घर के दरवाजे पर लोगों की भीड़ और अपने पिता की सज रही अर्थी को देखा तो वे गहरे सदमे में चली गईं और वहीं उन्हें हार्टअटैक आ गया। परिजन आनन-फानन में उन्हें पहले दाउदपुर और फिर एकमा स्थित एक निजी नर्सिंग होम लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पिता रामचंद्र सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को रिविलगंज के सरयू नदी स्थित सेमरिया घाट पर किया गया, जबकि बेटी मीना देवी का दाह संस्कार बुधवार को मांझी के डूमाइगढ़ घाट पर संपन्न हुआ। एक ही परिवार से पिता-पुत्री के इस तरह एक साथ चले जाने से गांव में शोक और सन्नाटे का माहौल है। लोग इसे नियति का क्रूर खेल बता रहे हैं।

