कम लागत, अधिक मुनाफा: कृषि विज्ञान केंद्र माँझी में मशरूम उत्पादन प्रशिक्षण से जुड़े ग्रामीण युवा
कृषि विज्ञान केंद्र माँझी में मशरूम उत्पादन पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, 36 युवक-युवतियों को मिला स्वरोजगार का नया रास्ता
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को कृषि आधारित उद्यम से जोड़ने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी, सारण में “मशरूम उत्पादन की तकनीक” विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन मंगलवार, 30 दिसंबर 2025 को किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के विषय वस्तु विशेषज्ञ (पौधा संरक्षण) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जिसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए ग्रामीण युवक एवं युवतियों ने सक्रिय भागीदारी की।
समापन समारोह के अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के वरीय वैज्ञानिक एवं प्रधान डॉ. संजय कुमार राय ने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मशरूम उत्पादन कम लागत में अधिक आय देने वाला व्यवसाय है। उन्होंने युवाओं को इस प्रशिक्षण को केवल ज्ञान तक सीमित न रखते हुए अपने गांव और क्षेत्र में इसे व्यवहारिक रूप से अपनाने तथा अन्य लोगों को भी इससे जोड़ने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डॉ. जितेंद्र चंदोला ने प्राकृतिक खेती, सब्जी एवं फल उत्पादन की आधुनिक तकनीकों पर प्रकाश डालते हुए टिकाऊ कृषि की आवश्यकता पर जोर दिया। वहीं डॉ. जीर विनायक ने बटन एवं ऑयस्टर मशरूम उत्पादन की विधि, खाद निर्माण, मशरूम के विभिन्न प्रकार, स्पॉन बनाना, बीज तैयार करना एवं उपचार, केसिंग, रोग प्रबंधन, मशरूम का मूल्य संवर्धन एवं प्रसंस्करण जैसे विषयों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को प्रायोगिक प्रशिक्षण भी कराया, जिससे प्रतिभागियों को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
प्रशिक्षण के दौरान डॉ. सुषमा टम्टा ने कृषि में उपयोग होने वाली आधुनिक मशीनों जैसे जीरो टिलेज मशीन और लेजर लैंड लेवलर के उपयोग की जानकारी दी, जबकि डॉ. विजय कुमार ने मिट्टी जांच के महत्व और सही फसल चयन में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
इस पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सारण जिले के माँझी, रिविलगंज, सोनपुर, दरियापुर, दिगवारा, एकमा एवं गरखा प्रखंड से कुल 36 युवक एवं युवतियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के साथ-साथ सभी प्रतिभागियों एवं कृषि विज्ञान केंद्र के स्टाफ द्वारा परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया तथा स्वच्छता बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कृषि विज्ञान केंद्र, माँझी के अमितेश कुमार गौरव, रामा रंजन, राकेश कुमार, उमाशंकर, अवनीश पांडेय और संतोष कुमार का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रशिक्षणार्थियों ने इस कार्यक्रम को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

