विश्व रोगी सुरक्षा दिवस पर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का संकल्प
सारण में नहीं, पूर्णिया जिले में हुआ आयोजन; अस्पतालों में एनसीडी मरीजों की पहचान और उपचार पर जोर
पूर्णिया, 21 सितंबर 2026
पूर्णिया जिला स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिले में विश्व रोगी सुरक्षा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मियों ने विभिन्न बीमारियों से ग्रसित मरीजों की समय पर पहचान कर उन्हें तत्काल उपचार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान खास तौर पर गैर-संचारी रोग (NCD) से पीड़ित लोगों की जांच, पहचान और उपचार की सुविधाओं को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के अस्पतालों में गैर-संचारी रोगों से संबंधित उपचार की सुविधा उपलब्ध है। लोगों से अपील की गई कि बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर उपचार में देरी न करें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच एवं चिकित्सकीय परामर्श लें।
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया, आरपीएम कैशर इकबाल, डीपीएम सोरेंद्र कुमार दास, डीसीक्यूए डॉ. अनिल कुमार शर्मा, डीपीसी डॉ. सुधांशु कुमार, डीएमएंडई आलोक कुमार सहित आईडीएसपी, यूनिसेफ, पिरामल स्वास्थ्य के प्रतिनिधि और विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, बीएचएम, बीसीएम, अस्पताल प्रबंधक, एएनएम एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह की समय पर पहचान जरूरी
सिविल सर्जन डॉ. प्रमोद कुमार कनौजिया ने कहा कि गैर-संचारी रोगों में हृदय रोग, कैंसर, मधुमेह, अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) जैसी बीमारियां शामिल हैं। उन्होंने कहा कि लक्षण दिखाई देने पर मरीजों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार की सुविधा लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि समय पर बीमारी की पहचान और चिकित्सकीय उपचार मिलने से मरीजों को अपनी बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
असंतुलित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि पर चिंता
सिविल सर्जन ने कहा कि वर्तमान समय में असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी गैर-संचारी रोगों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं। इसके अलावा तंबाकू सेवन, शराब और वायु प्रदूषण जैसे कारक भी स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकते हैं।
उन्होंने लोगों से संतुलित खानपान अपनाने, नियमित शारीरिक गतिविधि करने और बीमारी के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य है कि लोगों को समय पर जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें स्वस्थ एवं सुरक्षित जीवन की ओर बढ़ाया जाए।

