सोनपुर के मास्टर प्लान-2045 से विकास की बड़ी उम्मीद, लेकिन मौजूदा कमियों को दूर करना होगी चुनौती
599 वर्ग किमी क्षेत्र में फैलेगा प्लानिंग एरिया, 5 प्रखंडों के 416 राजस्व गांव होंगे शामिल; सड़क, स्वास्थ्य, रोजगार, पर्यटन और जलमार्ग पर फोकस
सारण, 16 सितंबर 2026
सोनपुर क्षेत्र के सुनियोजित और समग्र विकास की दिशा में मास्टर प्लान-2045 को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सारण प्रमंडल के आयुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ड्राफ्ट मास्टर प्लान का विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। जनप्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों के सुझावों के बाद ड्राफ्ट प्रस्ताव को सहमति से अनुमोदित किया गया।
बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूडी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। सोनपुर विधायक विनय कुमार सिंह, सदर विधायक छोटी कुमारी, विधान परिषद सदस्य वीरेंद्र नारायण यादव, जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव समेत संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य हितधारक उपस्थित रहे।
599 वर्ग किमी में होगा सोनपुर प्लानिंग एरिया
प्रस्तावित सोनपुर प्लानिंग एरिया का कुल क्षेत्रफल 599 वर्ग किलोमीटर है। इसमें दरियापुर, दिघवारा, सोनपुर, गरखा और परसा प्रखंडों को शामिल किया गया है। योजना क्षेत्र में 36.71 वर्ग किलोमीटर शहरी और 562.29 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण क्षेत्र प्रस्तावित है। इसमें तीन शहरी केंद्र और 416 राजस्व गांव शामिल होंगे। वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर इस क्षेत्र की आबादी 8,72,676 बताई गई है।
विकास की बड़ी संभावनाएं, लेकिन जमीन पर कई चुनौतियां
मास्टर प्लान का लक्ष्य सोनपुर क्षेत्र को आधुनिक एवं एकीकृत शहर के रूप में विकसित करना है। इसके तहत औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, पर्यटन को विकसित करने, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने तथा रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना है।
हालांकि, इन लक्ष्यों को हासिल करने के लिए क्षेत्र में मौजूद बुनियादी कमियों को दूर करना भी बड़ी चुनौती होगी। ग्रामीण इलाकों में बेहतर सड़क संपर्क, पर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रोजगार के स्थानीय अवसर, जल निकासी, व्यवस्थित शहरीकरण और परिवहन व्यवस्था को मजबूत किए बिना मास्टर प्लान का अपेक्षित लाभ सभी क्षेत्रों तक पहुंचाना मुश्किल होगा।
सड़क और जलमार्ग कनेक्टिविटी पर जोर
प्रस्ताव में सड़क एवं जलमार्ग आधारित लॉजिस्टिक नेटवर्क विकसित करने, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने तथा औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहतर परिवहन व्यवस्था तैयार करने पर जोर दिया गया है। इससे सोनपुर और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।
इसके साथ ही पारिस्थितिक संतुलन और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण को भी मास्टर प्लान में महत्व दिया गया है। सोनपुर की ऐतिहासिक एवं धार्मिक पहचान को देखते हुए पर्यटन विकास के साथ विरासत स्थलों के संरक्षण को लेकर प्रभावी योजना बनाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर लोगों की उम्मीदें
जनप्रतिनिधियों ने मास्टर प्लान का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र के औद्योगिक, स्वास्थ्य, पर्यटन और समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य संस्थानों, शिक्षा के अवसरों और रोजगार के साधनों का विस्तार स्थानीय लोगों की प्रमुख जरूरतों में शामिल है। मास्टर प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन से इन क्षेत्रों में सुधार की उम्मीद जताई गई।
सुझावों के बाद आगे बढ़ेगा प्रस्ताव
बैठक के अंत में समिति के उपाध्यक्ष-सह-जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी हितधारकों से ड्राफ्ट पर अपना फीडबैक उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके बाद समिति के अध्यक्ष-सह-आयुक्त मनीष कुमार ने सभी की सहमति से ड्राफ्ट प्रस्ताव का अनुमोदन किया।
आयुक्त ने कहा कि यह योजना सारण जिले के साथ-साथ बिहार के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकती है। उन्होंने प्रस्ताव में आवश्यक सुझावों को शामिल करने के लिए नगर आयुक्त, छपरा नगर निगम को संबंधित कंसल्टेंट टीम के साथ समन्वय कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
अब सबसे बड़ी चुनौती मास्टर प्लान को कागज से जमीन पर उतारने की होगी। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल निकासी, रोजगार, परिवहन और पर्यटन से जुड़ी मौजूदा कमियों को प्राथमिकता के साथ दूर किया गया तो 2045 की यह योजना सोनपुर क्षेत्र के विकास की नई तस्वीर तैयार कर सकती है।

