सरयू के बढ़ते जलस्तर से बाढ़ का खतरा, विधायक छोटी कुमारी ने सिताबदियारा के रिंग बांध का किया निरीक्षण
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और बाढ़ की आशंका को देखते हुए छपरा विधायक छोटी कुमारी ने सिताबदियारा के बरका सुफल टोला स्थित रिंग बांध का निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से स्थिति की जानकारी ली तथा बाढ़ से बचाव के लिए त्वरित कदम उठाने पर जोर दिया।
विधायक ने बाढ़ की संभावित स्थिति को लेकर सारण के जिलाधिकारी से दूरभाष पर बातचीत कर संबंधित अधिकारियों को स्थल निरीक्षण के लिए भेजने का आग्रह किया। विधायक के निर्देश पर डीएम ने छपरा सदर एसडीएम नितेश कुमार और जल संसाधन विभाग के अभियंता को मौके पर भेजा। इसके बाद विधायक ने अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों के साथ सुफल टोला स्थित रिंग बांध का जायजा लिया।
हर साल बांध से उत्पन्न होती है बाढ़ की स्थिति
निरीक्षण के दौरान विधायक छोटी कुमारी ने बताया कि सिताबदियारा बिहार और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित है। ग्रामीणों के अनुसार, सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने पर सुफल टोला के पास रिंग बांध के ओवरफ्लो होने या क्षतिग्रस्त होने से बाढ़ का पानी बिहार और उत्तर प्रदेश के इलाकों में प्रवेश करता है।
विधायक ने कहा कि उत्तर प्रदेश क्षेत्र में करीब 300 मीटर हिस्से में बांध का निर्माण नहीं होने के कारण जलस्तर बढ़ने पर प्रत्येक वर्ष बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की।
सिताबदियारा और प्रभुनाथ नगर को बचाने पर जोर
विधायक छोटी कुमारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति गंभीर होने से पहले ही सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से हरसंभव कदम उठाने की अपील की, ताकि सिताबदियारा और प्रभुनाथ नगर दक्षिणवारी चक पंचायत को बाढ़ की विभीषिका से बचाया जा सके।
उन्होंने मौके से ही जिलाधिकारी से बातचीत कर समस्या की जानकारी दी और संबंधित कार्य में तेजी लाने का आग्रह किया। त्वरित कार्रवाई के लिए उन्होंने जिलाधिकारी एवं प्रशासन के प्रति आभार भी जताया।
निरीक्षण के दौरान जिला भाजपा महामंत्री धर्मेन्द्र कुमार साह, प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह चौहान, पूर्व जिलाध्यक्ष रमेश प्रसाद, समाजसेवी भोला सिंह, शिक्षक नितेश सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद रहे।

