साहित्य, संस्कृति, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण का दिखा सुंदर संगम, सिंगापुर में हिंदी दिवस समारोह आयोजित
भारतीय उच्चायोग के सहयोग से विश्व साहित्य सेवा संस्थान का आयोजन, विभिन्न देशों से हिंदी प्रेमियों ने ऑनलाइन संदेशों से दी शुभकामनाएं
सिंगापुर, 14 सितंबर 2016
हिंदी भाषा, साहित्य, भारतीय संस्कृति, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तीकरण का सुंदर संगम सिंगापुर में देखने को मिला। विश्व साहित्य सेवा संस्थान (VSSS-Singapore) की ओर से हार्बरफ्रंट टावर-2 में हिंदी दिवस समारोह का भव्य आयोजन किया गया। भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर के सहयोग से आयोजित इस समारोह में साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के साथ महिला सशक्तीकरण से जुड़े कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।
समारोह में भारतीय उच्चायोग, सिंगापुर से अरविंद श्रीवास्तव और ज्योति मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं, इंडोनेशिया से पहुंचीं भारत की प्राकृतिक विरासत के क्षेत्र में विश्व रिकॉर्ड धारक इंदु नांदल विशिष्ट अतिथि रहीं। उन्होंने पर्यावरण और प्रकृति संरक्षण की आवश्यकता पर अपने विचार रखे।
मुख्य अतिथि अरविंद श्रीवास्तव ने हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार और उत्थान में सहयोग का भरोसा दिलाया। ज्योति ने मधुर स्वर में ‘वंदे मातरम्’ प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। VSSS-Singapore की अध्यक्ष अनुसूया साहू ने हिंदी को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को मातृभाषा से जोड़ने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया।
गणेश वंदना से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत Divine Dancers की टीम द्वारा भगवान श्रीगणेश की स्थापना के साथ हुई। Natyaranjini Centre for Dance Excellence की कलाकारों ने भरतनाट्यम शैली में गणेश वंदना और सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। माधवी देवु के नेतृत्व में कलाकारों ने ‘ऐगिरी नंदिनी’, ‘शिव तांडव’ और राधा-कृष्ण नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी।
देवनागरी से डिजिटल युग तक हिंदी पर चर्चा
शैक्षिक एवं प्रेरक सत्र में डॉ. स्मिता सिंह ने देवनागरी लिपि के महत्व पर प्रकाश डाला। आलोक मिश्रा ने ‘सही राह’ विषय पर प्रेरक संबोधन दिया, जबकि विशा सेठ ने योग एवं स्वस्थ जीवनशैली के महत्व को रेखांकित किया। DAV की शिक्षिका भुवनेश्वरी राज ने ‘डिजिटल युग में हिंदी की आनंदमयी शिक्षा’ विषय पर अपने विचार साझा किए।
पुस्तकों का विमोचन
साहित्यिक सत्र में संगीता सिंह की बालगीतों की पुस्तक का विमोचन किया गया। पुस्तक की समीक्षा कमलेश गौड़ ने की। वहीं लेखिका प्रतिमा सिंह की दो पुस्तकों ‘मेरी कलम मेरा प्रेम’ और ‘Arithmetic of Love’ का भी विमोचन हुआ। इन पुस्तकों की समीक्षा Kindle Kids International School की प्रिंसिपल निधि पौराणिक ने की।
बच्चों ने दिया अहिंसा का संदेश
Kindle Kids International School के विद्यार्थियों ने ‘हिंसा से अहिंसा की ओर’ शीर्षक से भगवान बुद्ध और अंगुलिमाल की कथा पर आधारित शिक्षाप्रद नाटिका प्रस्तुत की। नाटिका के माध्यम से बच्चों ने संदेश दिया कि हिंसा विनाश का कारण बनती है, जबकि अहिंसा समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करती है।
महिला उद्यमियों ने प्रस्तुत किया Business Walk
सांस्कृतिक कार्यक्रम में दीपा रेड्डी ने अर्धशास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत किया, जबकि Sarva Fine Arts की कलाकारों ने ‘तराना’ कथक नृत्य से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। Glow Circle से जुड़ी महिला उद्यमियों ने Art Exhibition को प्रोत्साहित करते हुए Business Walk प्रस्तुत किया और अपने व्यवसायों का परिचय दिया। यह आयोजन महिला सशक्तीकरण और आत्मनिर्भरता का प्रेरक उदाहरण बना।
काव्यगोष्ठी में गूंजा हिंदी का स्वर
मुख्य अतिथि अरविंद श्रीवास्तव एवं ज्योति ने पुरस्कार वितरण किया, जिसका संचालन नीतू गुजराल ने किया। समारोह में आयोजित काव्यगोष्ठी में सिंगापुर के अनेक कवियों ने भाग लेकर साहित्यिक वातावरण को और समृद्ध किया। कार्यक्रम का मंच संचालन स्नेहा पारिख और श्वेता वर्मा सिंघल ने किया।
समारोह को अंतरराष्ट्रीय स्वरूप देते हुए विभिन्न देशों के हिंदी प्रेमियों ने ऑनलाइन वीडियो संदेशों के माध्यम से शुभकामनाएं दीं। इनमें दुबई से डॉ. अमृता बिसारिया, भारत से दिनेश बावरा, गोविंद गुप्ता, मीना गोदारा, रोहित शर्मा और अदिति शुक्ला, लंदन से विवेक रंजन श्रीवास्तव तथा अमेरिका से नंदिनी राय, डॉ. देवेंद्र तोमर और डॉ. आर. कल्पना शामिल रहे। वीडियो निर्माण में पल्लवी सिंह का विशेष सहयोग रहा।
आयोजन की सफलता में राम यादव, मनोज, स्मिता कुँवर विवेक, परीक्षित शुक्ला, अन्नू मलानी, मिथुन मलानी, श्रेया साहू, शिखा साहू, मन्नू कहार और गौरी सहित सभी स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन स्थल के सहयोग के लिए जोसलीन लो के प्रति भी विशेष आभार व्यक्त किया गया।
समापन पर VSSS-Singapore ने सभी अतिथियों, कलाकारों, वक्ताओं, साहित्यकारों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और दर्शकों के प्रति आभार जताया। आयोजन ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की भावना को साकार करते हुए यह संदेश दिया कि सामूहिक प्रयासों से हिंदी भाषा और भारतीय संस्कृति को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई जा सकती है।

