50 वर्षों के मास्टर प्लान से बदलेगा सोनपुर का स्वरूप, सीएम सम्राट चौधरी और सांसद रूडी ने विकास योजनाओं पर किया मंथन
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सोनपुर आयोजना क्षेत्र को आगामी 50 वर्षों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, नियोजित और एकीकृत आर्थिक, औद्योगिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में बिहार सरकार ने बड़ी पहल शुरू की है। शनिवार शाम मुख्यमंत्री कार्यालय में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में करीब दो घंटे तक चली उच्चस्तरीय अंतर-विभागीय बैठक में सोनपुर के समग्र विकास की विस्तृत रणनीति पर मंथन किया गया। बैठक में सारण के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने सोनपुर के विकास से जुड़ी विभिन्न प्रस्तावित परियोजनाओं पर विस्तृत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।
कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मिलेगी नई दिशा
बैठक में सोनपुर की रणनीतिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए बेहतर कनेक्टिविटी और मजबूत बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर दिया गया। जेपी सेतु, दीघा-सोनपुर सिक्स लेन पुल, शेरपुर-दिघवारा पुल और उत्तरी रिंग रोड को आपस में जोड़ने के साथ-साथ प्रस्तावित सोनपुर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई। दिघवारा-कोन्हवा मार्ग, एनएच-722 तथा प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप तक सुगम सड़क नेटवर्क विकसित करने की समन्वित कार्ययोजना पर भी विचार किया गया। इसके अलावा गंगा-अंबिका पथ, जल निकासी, बाढ़ प्रबंधन और गंगा के नेविगेशन चैनल से संबंधित दीर्घकालिक योजनाओं को भी विकास योजना में शामिल करने पर चर्चा हुई।
हरिहरनाथ कॉरिडोर से धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सोनपुर की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को आर्थिक विकास से जोड़ने की योजना पर भी बैठक में विशेष चर्चा हुई। प्रसिद्ध बाबा हरिहरनाथ मंदिर के लिए भव्य कॉरिडोर विकसित करने और इसे सोनपुर मेला तथा आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों से जोड़ने का प्रस्ताव सामने आया। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई गई।
आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना
पटना के निकट तेजी से बढ़ते शहरी दबाव को देखते हुए सोनपुर में आधुनिक एवं सुनियोजित सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की संभावनाओं पर भी विस्तार से विचार किया गया। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सोनपुर को केवल पटना के सहायक विस्तार के रूप में नहीं, बल्कि अपनी स्वतंत्र आर्थिक, औद्योगिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान वाले विकसित केंद्र के रूप में तैयार किया जाए।
जल संसाधन, सिंचाई और बाढ़ प्रबंधन पर भी जोर
सोनपुर के दीर्घकालिक विकास के लिए अंतर-विभागीय समन्वय को महत्वपूर्ण माना गया। गंडक नहर, सिंचाई व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, जल संसाधन प्रबंधन और आपदा नियंत्रण से जुड़े विषयों पर संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने पर जोर दिया गया। साथ ही भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास से जुड़ी संभावित समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
कई शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, नागरिक विमानन सचिव निलेश रामचन्द्र देवरे, पर्यटन सचिव लोकेश कुमार, पथ निर्माण सचिव पंकज कुमार पाल, जल संसाधन सचिव चंद्रशेखर सिंह, खेल सचिव दीपक आनंद, सारण जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव, एमएसएमई निदेशक अमन समीर और केंद्रीय जल आयोग के निदेशक अतुल कुमार सहित राज्य एवं केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सूचना प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन और जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने भी बैठक में भाग लिया।
मॉडल नियोजित शहर के रूप में विकसित होगा सोनपुर
सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि सोनपुर बिहार के तेजी से उभरते विकास क्षेत्रों में शामिल है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल से विभिन्न विभागों के बीच सीधे समन्वय की प्रक्रिया मजबूत होगी और विकास परियोजनाओं से जुड़े निर्णयों में तेजी आएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि एकीकृत मास्टर प्लान के प्रभावी क्रियान्वयन से आने वाले वर्षों में सोनपुर बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे पूर्वी भारत के लिए एक मॉडल नियोजित शहर के रूप में अपनी पहचान स्थापित करेगा।
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