सिसवन कृषि कार्यालय में दोपहर तक लटका रहा ताला, योजनाओं की जानकारी लेने पहुंचे किसानों को लौटना पड़ा
सिवान (बिहार): सिसवन प्रखंड कृषि कार्यालय में मंगलवार को दोपहर तक ताला लटका रहने से दूर-दराज के गांवों से पहुंचे दर्जनों किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। कार्यालय बंद रहने के कारण किसान घंटों इंतजार करते रहे, लेकिन कार्यालय नहीं खुलने पर उन्हें बिना काम कराए ही निराश होकर वापस लौटना पड़ा। किसानों ने आरोप लगाया कि कृषि कार्यालय के समय पर नहीं खुलने की शिकायत अक्सर सामने आती है, जिससे उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने और अपनी समस्याओं का समाधान कराने में कठिनाई होती है।
जानकारी के अनुसार भागर, कचनार, ग्यासपुर, जयी छपरा सहित कई गांवों से किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समेत कृषि विभाग की अन्य योजनाओं से संबंधित जानकारी लेने के लिए प्रखंड कृषि कार्यालय पहुंचे थे। किसानों को उम्मीद थी कि कार्यालय में संबंधित कर्मियों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान करा सकेंगे, लेकिन काफी देर तक कार्यालय का ताला नहीं खुला। लंबे इंतजार के बाद किसानों को वापस लौटना पड़ा।
मौके पर मौजूद उद्यान पदाधिकारी दीपक कुमार यादव ने बताया कि कार्यालय की चाबी उनके पास नहीं रहती है। उनके अनुसार चाबी कृषि कार्यपालक सहायक के पास रहती है और उनके कार्यालय नहीं पहुंचने के कारण ताला नहीं खुल सका। कार्यालय बंद रहने के कारण किसानों को काफी परेशानी हुई।
किसानों का कहना है कि कृषि विभाग से जुड़ी योजनाओं का लाभ लेने के लिए उन्हें बार-बार प्रखंड कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। यदि कार्यालय निर्धारित समय पर नहीं खुले और पदाधिकारी व कर्मी मौजूद नहीं रहें तो ग्रामीणों का समय और पैसा दोनों बर्बाद होता है। किसानों ने कृषि कार्यालय को नियमित रूप से निर्धारित समय पर खोलने तथा पदाधिकारी एवं कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने की मांग की है।
इस संबंध में बीडीओ राजेश कुमार ने बताया कि कृषि कार्यालय बंद रहने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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