सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत के तहत इलाज बढ़ाने पर जोर, सिविल सर्जन ने दिए निर्देश
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के सरकारी अस्पतालों में आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिक से अधिक उपचार उपलब्ध कराने को लेकर सोमवार को कार्यशाला आयोजित की गई। सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।
जिला योजना समन्वयक (डीपीसी) अभिनय कुमार ने बताया कि कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आयुष्मान भारत के तहत उपचार की संख्या बढ़ाना और योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र लोगों तक पहुंचाना रहा।
बैठक में वीआईडीएएल के राज्य प्रमुख, जिले एवं प्रखंड स्तर के वीआईडीएएल कर्मी, जिला क्रियान्वयन इकाई, जिला स्वास्थ्य समिति तथा सदर अस्पताल के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विचार-विमर्श करते हुए पात्र मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने की रणनीति तैयार की गई।
पात्र मरीजों को योजना के लाभ से वंचित न किया जाए: सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि आयुष्मान भारत के तहत पात्र लाभार्थियों को उपचार उपलब्ध कराने के लिए राज्य स्तर से जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी पात्र मरीज को योजना के लाभ से वंचित नहीं होना चाहिए।
उन्होंने सरकारी अस्पतालों में आने वाले पात्र मरीजों की पहचान कर उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
बैठक में अस्पतालों में योजना के क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली समस्याओं की समीक्षा की गई। समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई।
अधिकारियों ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र परिवारों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सरकारी अस्पतालों में योजना का प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है।

