सारण में टीबी के खिलाफ महाअभियान: 14 अगस्त तक 2.49 लाख लोगों की होगी स्क्रीनिंग, डीएम खुद कर रहे मॉनिटरिंग
सारण (बिहार): प्रधानमंत्री के "टीबी मुक्त भारत" अभियान को सफल बनाने के लिए सारण जिले में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में व्यापक विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत 14 अगस्त तक जिले के 2 लाख 49 हजार 690 लोगों की टीबी जांच (स्क्रीनिंग) करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान की विशेष बात यह है कि इसकी मॉनिटरिंग स्वयं जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव कर रहे हैं। वे लगातार फील्ड निरीक्षण, समीक्षा बैठक और प्रगति की निगरानी कर अभियान को गति दे रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 3 जुलाई से 9 जुलाई के बीच ही 1 लाख 27 हजार 951 लोगों की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है। अभियान के दौरान जुटाए गए सभी आंकड़ों को प्रतिदिन 100 प्रतिशत निक्षय पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है, जिससे प्रत्येक मरीज और जांच की ऑनलाइन निगरानी सुनिश्चित हो सके।
पहले चरण में भी हुई थी व्यापक जांच
टीबी उन्मूलन अभियान के पहले चरण में 24 मार्च से 2 जुलाई तक विशेष स्क्रीनिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान 66 हजार से अधिक लोगों की जांच की गई थी। दूसरे चरण में अभियान का दायरा बढ़ाते हुए अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है।
गांव-गांव पहुंच रही स्वास्थ्य विभाग की टीम
विशेष टीबी स्क्रीनिंग अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं। इसके अलावा जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी), अनुमंडलीय अस्पताल, सदर अस्पताल तथा आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी संदिग्ध मरीजों की नि:शुल्क जांच की जा रही है।
संदिग्ध मरीजों के बलगम (स्पुटम) की जांच ट्रूनैट (TrueNat) मशीन से की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर मरीजों का छाती का एक्स-रे भी कराया जा रहा है, ताकि समय रहते बीमारी की पुष्टि कर उपचार शुरू किया जा सके।
कई विभाग मिलकर चला रहे हैं अभियान
इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा विभाग, पंचायती राज विभाग तथा अन्य संबंधित विभाग भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। आशा कार्यकर्ता, एएनएम, आंगनबाड़ी सेविकाएं और जीविका दीदियां घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान कर रही हैं तथा उन्हें जांच कराने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
जिलाधिकारी ने दिए प्रभावी समन्वय के निर्देश
जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि टीबी जैसी गंभीर बीमारी को समाप्त करने के लिए समय पर जांच, शीघ्र पहचान और नियमित उपचार अत्यंत आवश्यक है। इसलिए कोई भी पात्र व्यक्ति जांच से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को स्क्रीनिंग की गुणवत्ता बनाए रखने तथा सभी जांचों का डेटा समय पर निक्षय पोर्टल पर अपलोड करने के निर्देश दिए हैं।
लक्षण दिखें तो तुरंत कराएं नि:शुल्क जांच
सिविल सर्जन डॉ. राजकुमार चौधरी ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय तक खांसी, बलगम में खून, लगातार बुखार, वजन घटना, रात में अधिक पसीना आना या भूख कम लगना जैसे लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए अपने नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर नि:शुल्क जांच कराएं। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और नियमित इलाज से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है।
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