अरवल सिविल सर्जन से मारपीट के विरोध में बिहार में ओपीडी सेवा बंद, मांझी स्वास्थ्य केंद्र में भी मरीजों को नहीं मिली सामान्य ओपीडी सुविधा
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: अरवल में सिविल सर्जन के साथ कथित मारपीट की घटना के विरोध में बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के आह्वान पर बुधवार को पूरे बिहार में ओपीडी सेवाएं बंद रखी गईं। इसी क्रम में सारण जिले के मांझी प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भी बुधवार को नियमित ओपीडी सेवा बंद रही। हालांकि, विशेष परिस्थितियों में गंभीर मरीजों और मौत से जूझ रहे लोगों के इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई।
मांझी स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सह बिहार स्वास्थ्य सेवा संघ के महासचिव डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि अरवल के सिविल सर्जन को कथित रूप से विधायक द्वारा बुलाकर उनके साथ मारपीट किए जाने की घटना बेहद गंभीर और निंदनीय है। इसी घटना के विरोध में चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने बुधवार को पूरे बिहार में ओपीडी सेवा बंद रखने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं है। स्वास्थ्यकर्मी विपरीत परिस्थितियों में भी मरीजों की जान बचाने के लिए पूरी तत्परता से काम करते हैं, ऐसे में उनके साथ हिंसा की घटनाओं से चिकित्सकों का मनोबल प्रभावित होता है।
डॉ. रोहित कुमार ने बताया कि ओपीडी बंद रहने के दौरान भी विशेष परिस्थिति में गंभीर रूप से बीमार और जीवन-मृत्यु से जूझ रहे मरीजों को चिकित्सा सुविधा से वंचित नहीं किया गया। ऐसे मरीजों का आवश्यकतानुसार इलाज किया गया, ताकि किसी की जान पर संकट न आए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है तथा स्वास्थ्य संस्थानों में भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाना आवश्यक है।
उन्होंने सरकार से चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा को लेकर ठोस कदम उठाने तथा अरवल की घटना में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। साथ ही कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए चिकित्सकों का सम्मान और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं।

