डॉ. अशोक भार्गव विश्व हिन्दी परिषद के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य मनोनीत
नई दिल्ली/लखनऊ/इंदौर। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी तथा रीवा एवं शहडोल संभाग के पूर्व संभागीय आयुक्त डॉ. अशोक कुमार भार्गव को विश्व हिन्दी परिषद का राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य मनोनीत किया गया है। यह मनोनयन परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार द्वारा किया गया।
विश्व हिन्दी परिषद हिन्दी सहित भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं वैश्विक प्रचार-प्रसार के लिए कार्यरत एक प्रमुख संस्था है। परिषद का उद्देश्य हिन्दी को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित स्थान दिलाना तथा भारतीय भाषाओं के विकास को गति प्रदान करना है।
राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि डॉ. भार्गव के व्यापक प्रशासनिक अनुभव, कुशल नेतृत्व, संगठनात्मक क्षमता तथा हिन्दी भाषा के प्रति समर्पण को देखते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा गया है। परिषद को विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन से संगठन की गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी तथा सदस्यता विस्तार और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी मजबूती प्राप्त होगी।
डॉ. भार्गव के मनोनयन पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य यार्लगड्ढा लक्ष्मी प्रसाद, राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. देवी प्रसाद मिश्रा तथा राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नन्दकिशोर साह सहित परिषद के सभी पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।
उल्लेखनीय है कि डॉ. अशोक कुमार भार्गव नागरी लिपि परिषद के अध्यक्ष, विश्व हिन्दी परिषद के आजीवन सदस्य, प्रतिष्ठित लेखक, चिंतक एवं ओजस्वी वक्ता के रूप में भी अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं। हिन्दी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि "हिन्दी हमारी अस्मिता की पहचान और भारत की आत्मा है। हिन्दी को विश्वभाषा बनाने के लिए हमें निरंतर प्रयासरत रहना होगा।"

