श्रवण बेटे ने किया प्रेम विवाह तो पिता ने दिखाया घर से बाहर का रास्ता, पत्नी-बच्चों संग थाने पहुंचा श्रवण
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: प्रेम विवाह को लेकर वर्षों पुराना पारिवारिक विवाद सोमवार को उस समय फिर सामने आ गया, जब धर्मपुरा गांव निवासी श्रवण पाठक अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ घर लौटे तो उन्हें घर में प्रवेश नहीं करने दिया गया। आरोप है कि उनके पिता गौतम पाठक ने उन्हें घर से बेदखल करने की चेतावनी देते हुए वापस लौटा दिया।
जानकारी के अनुसार श्रवण पाठक छत्तीसगढ़ में मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सोमवार को वह पत्नी नीतू देवी, तीन वर्षीय पुत्र प्रियांशु और तीन माह के पुत्र कान्हा के साथ अपने पैतृक गांव धर्मपुरा पहुंचे थे। आरोप है कि घर पहुंचते ही उनके नेत्रहीन पिता गौतम पाठक ने उन्हें घर में घुसने से रोक दिया।
श्रवण ने परिवार के अन्य सदस्यों से हस्तक्षेप की अपील की। उन्होंने अपनी बहनों रीना, प्रीति और पिंकी तथा भाइयों प्रदीप और दिलीप से बीच-बचाव की गुहार लगाई, लेकिन विवाद का समाधान नहीं हो सका।
इसके बाद श्रवण अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दाउदपुर थाना पहुंचे और पुलिस से घर में प्रवेश दिलाने तथा मामले में हस्तक्षेप की मांग की।
ग्रामीणों के अनुसार श्रवण का प्रेम प्रसंग वर्ष 2014 में जैतपुर निवासी सवलिया महतो की पुत्री से शुरू हुआ था। बाद में वर्ष 2021 में दोनों ने महेंद्रनाथ मंदिर में विवाह कर लिया। बताया जाता है कि इसी विवाह से नाराज होकर परिवार ने उनसे दूरी बना ली थी। तब से श्रवण छत्तीसगढ़ में रहकर मजदूरी कर रहे थे।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। वहीं गांव में इस घटना को लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है।

