महर्षि गौतम स्थान में 11 कुण्डीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ, राम सर्किट से जोड़ने की उठी मांग
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: रिवीलगंज प्रखंड स्थित ऐतिहासिक गौतम स्थान अहिल्या उद्धार परिसर में 11 कुण्डीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ का शुभारंभ भव्य जलभरी शोभा यात्रा के साथ हुआ। नौ दिवसीय यह महायज्ञ 23 मई से 31 मई तक चलेगा। कार्यक्रम के पहले दिन हजारों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालु गौतम स्थान से कलश लेकर रिवीलगंज बाजार होते हुए थाना के समीप मंदिर परिसर तक पहुंचे और वहां से जलभरी कर यज्ञ मंडप में पहुंचे। पूरे मार्ग में जय श्री राम एवं हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।
यज्ञाधीश स्वामी परमेश्वराचार्य ने कहा कि सनातन संस्कृति में यज्ञ का विशेष महत्व है तथा यह पर्यावरण संरक्षण एवं समाज में सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार का माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक चेतना एवं एकता को मजबूत करते हैं।
धर्म प्रचारक अरुण पुरोहित ने गौतम स्थान की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बिहार सरकार एवं जिला प्रशासन से इस स्थल को राम सर्किट से जोड़ने तथा इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह वही पवित्र स्थान है जहां त्रेता युग में भगवान राम के चरण स्पर्श से माता अहिल्या का उद्धार हुआ था। आज भी यहां भगवान राम के चरणों की पूजा आस्था के साथ की जाती है। साथ ही उन्होंने कहा कि भगवान हनुमान जी का ननिहाल होने के कारण भी इस स्थल की विशेष धार्मिक महत्ता है।
उन्होंने कहा कि पुरूषोत्तम मास में कथा, प्रवचन एवं दान-पुण्य का विशेष महत्व होता है और इससे हजार गुना अधिक पुण्य की प्राप्ति होती है। समस्त सारणवासियों से यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर गौतम स्थान के उत्थान एवं संरक्षण में सहयोग करने की अपील की गई।
कार्यक्रम को सफल बनाने में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सोनू यादव, धर्मेंद्र सिंह मुन्ना, विभिन्न वार्ड पार्षदों एवं सैकड़ों गणमान्य लोग दिन-रात जुटे हुए हैं। यज्ञ में छपरा एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए व्यापक व्यवस्था की गई है।

