देवों द्वारा वंदित हरिहर क्षेत्र में माघ अमावस्या पर दिव्य त्रिवेणी महाआरती, दीप-ज्योति से आलोकित हुआ संगम तट
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: देवों द्वारा वंदित एवं आध्यात्मिक आस्था की प्रतीक पुण्य भूमि हरिहर क्षेत्र में माघ अमावस्या के पावन अवसर पर दिव्य त्रिवेणी महाआरती का भव्य आयोजन किया गया। माँ तारा सेवा निधि कौनहारा महातीर्थ हरिपुर, वैशाली के तत्वावधान में आयोजित इस महाआरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तजन शामिल हुए। दीपों की ज्योति, वैदिक मंत्रोच्चार और शंख-घंटों की ध्वनि से पूरा संगम क्षेत्र भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा।
आयोजन की शुरुआत महाकाल बाबा के वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसके बाद नारायणी, गंगा एवं सोनभद्र नदियों का विधिवत पूजन किया गया। जैसे ही महाआरती प्रारंभ हुई, दीपों की जगमगाहट से त्रिवेणी संगम का दृश्य अत्यंत अलौकिक और मनोहारी बन गया। श्रद्धालु भक्ति-भाव में लीन होकर आरती में सहभागी बने और आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त की।
इस अवसर पर महाकाल बाबा ने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे त्रिवेणी महाआरती में 11 दीपक के साथ सहभागिता करें और श्रद्धापूर्वक दीपों का प्रवाह कर आध्यात्मिक शांति के साथ-साथ नदी संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि यह आयोजन सनातन संस्कृति के संरक्षण के साथ पर्यावरण चेतना को भी सशक्त करता है।
कार्यक्रम में उद्घोषक के रूप में लालबाबू पटेल ने अपनी प्रभावशाली वाणी से आयोजन को और अधिक भावपूर्ण बनाया। अंत में भक्तों ने माँ गंगा, नारायणी एवं सोनभद्र से क्षेत्र की सुख-शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की। आयोजन को सफल बनाने में आचार्य अनिल, अर्जुन, मुकेश, किशन, आदित्य, बिपीन जी, राजा, अविनाश, रौशन, सौरभ, कुंदन सहित अन्य सहयोगियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

