समृद्धि यात्रा के तहत छपरा में जन संवाद, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गिनाईं विकास की उपलब्धियां और भविष्य की योजनाएं
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार मंगलवार को समृद्धि यात्रा के क्रम में सारण जिला के छपरा स्थित निर्माणाधीन बस स्टैंड मैदान में आयोजित जन संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार एनडीए सरकार बनने के बाद से बिहार में कानून का राज स्थापित हुआ और राज्य निरंतर विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। उन्होंने कहा कि पहले बिहार में भय और अराजकता का माहौल था, लोग शाम के बाद घर से निकलने में डरते थे, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और बिजली की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन अब राज्य में शांति, भाईचारा और सुरक्षित वातावरण है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने शुरू से ही शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। बड़े पैमाने पर सड़क, पुल-पुलियों का निर्माण कराया गया है। सात निश्चय योजना के तहत हर घर बिजली, नल का जल, शौचालय और पक्की सड़क की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वर्ष 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचाई गई और अब अधिकांश घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली दी जा रही है। सात निश्चय-2 के तहत युवाओं को 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 10 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी और 40 लाख लोगों को रोजगार दिया जा चुका है। अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने समाज के सभी वर्गों—हिंदू, मुस्लिम, सवर्ण, पिछड़ा, अति पिछड़ा, दलित और महादलित—के विकास के लिए कार्य किया है। वृद्धजनों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं की पेंशन राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी गई है, जिससे एक करोड़ से अधिक लाभार्थियों को फायदा मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बिहार के विकास में केंद्र सरकार का भी पूरा सहयोग मिल रहा है और हाल के केंद्रीय बजट में सड़क, उद्योग, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष सहायता की घोषणा की गई है।
मुख्यमंत्री ने आगामी पांच वर्षों (2025–2030) के लिए सात निश्चय-3 की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि इसके तहत दोगुना रोजगार-दोगुनी आय, उद्योगों का विस्तार, कृषि विकास, उन्नत शिक्षा, सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं, मजबूत आधारभूत संरचना और ईज ऑफ लिविंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सभी जिलों में औद्योगिक क्षेत्र, प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और डिग्री कॉलेज, स्वास्थ्य संस्थानों को विशिष्ट चिकित्सा केंद्र में बदलने तथा पर्यटन और खेल के विकास की योजनाएं लागू की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने सारण जिले के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक, मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, जीएनएम और पारा मेडिकल संस्थानों की स्थापना की गई है। जिले में कई पुलों, सड़कों और बाइपास का निर्माण हुआ है। प्रगति यात्रा के दौरान चिन्हित की गई सात नई योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है, जिनमें छपरा में एलिवेटेड पथ, नए रेल ओवर ब्रिज, प्रमुख सड़कों का चौड़ीकरण और सोनपुर में बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र का समग्र विकास शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से सारण जिले का समग्र विकास होगा और बिहार देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल होगा। जन संवाद कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव, सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, जिले के विधायकगण, विधान पार्षद तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

