बायोमेट्रिक अटेंडेंस से तय होगा वेतन और मानदेय, कार्यसंस्कृति में अनुशासन पर सख्त हुआ प्रशासन
सारण (बिहार): जिलाधिकारी श्री वैभव श्रीवास्तव ने जिले के सभी कार्यालयों में कार्यसंस्कृति, अनुशासन और अंतर-विभागीय समन्वय को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन कार्यालयों में अब तक बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली क्रियाशील नहीं की गई है, उन्हें अंतिम अवसर देते हुए अविलंब इसे लागू करना सुनिश्चित करें। उन्होंने निर्देश दिया कि जिले के सभी क्रियाशील पंचायत सरकार भवनों में भी बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली अधिष्ठापित की जाए।
जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि भविष्य में वेतन एवं मानदेय का भुगतान केवल बायोमेट्रिक उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। इसकी नियमित समीक्षा स्वयं जिलाधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके लिए जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (DIO) को प्रतिदिन बायोमेट्रिक अटेंडेंस की अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में विभागीय कार्यों की समयबद्धता पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि विभागीय मुख्यालय से प्राप्त सभी निर्देशों का निर्धारित समय सीमा के भीतर अनुपालन सुनिश्चित किया जाए। जनशिकायतों से संबंधित आवेदनों के निष्पादन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही सभी कार्यालय प्रधानों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि विभाग से प्राप्त पत्र 48 घंटे के भीतर संबंधित संचिका में प्रस्तुत हों।
न्यायालय एवं मानवाधिकार आयोग से जुड़े मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने ससमय तथ्य विवरणी दाखिल करने एवं वांछित प्रतिवेदन भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में देरी से न केवल प्रशासन की छवि प्रभावित होती है, बल्कि अनावश्यक कानूनी जटिलताएं भी उत्पन्न होती हैं।
राशन कार्ड से जुड़े मामलों पर भी सख्त रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का निष्पादन एक सप्ताह के भीतर हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही विभागीय कार्यवाहियों से संबंधित मामलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश सभी संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया।
बैठक में खनुआ नाला एवं डबल डेकर निर्माण कार्य में बाधक अतिक्रमणों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने का भी निर्देश दिया गया, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर समाहर्त्ता, नगर आयुक्त, अपर समाहर्त्ता (विधि-व्यवस्था), विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित रहे, जबकि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, भूमि सुधार उपसमाहर्त्ता, प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी भी जुड़े रहे।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कार्यसंस्कृति में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही ही सुशासन की बुनियाद है, और इसके लिए सभी पदाधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करना होगा।

