गाजीपुर–हाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के लिए मांझी में चला बुलडोजर, लोगों के उसे होश
कौरु धौरु से बलिया मोड़ तक अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण जिले के मांझी प्रखंड अंतर्गत गाजीपुर–हाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को लेकर कौरु धौरु से अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत कर दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर से एक के बाद एक बड़ी इमारतों को गिराया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई को देख आसपास के लोगों के होश उड़ गए और मौके पर भारी भीड़ जुट गई।
अभियान के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिना मुआवजा भुगतान किए ही उनके मकानों को तोड़ा जा रहा है। लोगों का कहना था कि वे वर्षों से यहां रह रहे हैं और अभी तक उन्हें न तो पूरा मुआवजा मिला है और न ही किसी वैकल्पिक व्यवस्था की स्पष्ट जानकारी दी गई है। इससे प्रभावित परिवारों में आक्रोश और चिंता दोनों साफ तौर पर देखी गई।
वहीं पूरे मामले पर मांझी प्रखंड के अंचलाधिकारी सौरव अभिषेक ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि अतिक्रमण हटाओ अभियान को लेकर पूर्व में ही संबंधित लोगों को विधिवत सूचना दी जा चुकी थी। यह कार्रवाई सरकारी आदेश के अनुसार की जा रही है। उन्होंने बताया कि अधिकांश प्रभावित लोगों को मुआवजे का भुगतान कर दिया गया है, जबकि जिनका भुगतान अब तक लंबित है, वे अपने आवश्यक कागजात के साथ भू-अर्जन विभाग में जाकर आवेदन जमा करें। ऐसे मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा।
अंचलाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि यह अतिक्रमण हटाओ अभियान कौरु धौरु से लेकर बलिया मोड़ तक चरणबद्ध तरीके से चलाया जाएगा और यह कार्य अनवरत जारी रहेगा, ताकि ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण में किसी प्रकार की बाधा न आए। प्रशासन का दावा है कि यह परियोजना क्षेत्र के विकास, बेहतर यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को नई गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्रवाई के दौरान मौके पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग, प्रभावित परिवार और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। गाजीपुर–हाजीपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को लेकर जहां सरकार इसे विकास की बड़ी पहल बता रही है, वहीं ज़मीनी स्तर पर मुआवजे और पुनर्वास को लेकर उठ रहे सवालों ने प्रशासन के सामने चुनौती भी खड़ी कर दी है।

