कड़ाके की ठंड में भी सेवा का संकल्प: अमनौर में 172 पात्र लाभार्थियों का बना आयुष्मान गोल्डन कार्ड, बोले सांसद रूडी—सेवा ही सबसे बड़ा धर्म
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सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र नागरिकों को निःशुल्क, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के उद्देश्य से सारण जिले के अमनौर प्रखंड अंतर्गत कल्याणपुर पंचायत के बैजलपुर गांव स्थित जेआईआईटी (JIIT) परिसर में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य कार्ड पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद आयोजित इस शिविर में कुल 172 पात्र लाभार्थियों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाकर उन्हें योजना से जोड़ा गया, जिससे वे देशभर के सूचीबद्ध अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का निःशुल्क इलाज प्राप्त कर सकें।
इस अवसर पर भाजपा सांसद सह पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का “सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” का मूल मंत्र आज सारण की धरती पर कर्मयोग के रूप में साकार हो रहा है। उन्होंने कहा कि उनका संकल्प है कि इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक, उसके घर की देहरी तक पहुंचे। इसी भावना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार शिविर आयोजित कर पात्र लाभार्थियों को योजना से जोड़ा जा रहा है।
सांसद रूडी ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य आयुष्मान भारत योजना के प्रति लोगों को जागरूक करना और ऑन-स्पॉट पंजीकरण के माध्यम से लाभ तुरंत उपलब्ध कराना है। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजनों को प्राथमिकता दी गई, ताकि उम्र और आर्थिक स्थिति के कारण कोई भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि यह शिविर केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समर्पण का जीवंत उदाहरण है।
शिविर के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों और स्वयंसेवकों ने पूरी तत्परता से कार्य किया, जिससे पंजीकरण प्रक्रिया सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न हो सकी। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे शिविर ग्रामीण एवं निर्धन परिवारों के लिए संजीवनी साबित हो रहे हैं।

