थावे दुर्गा मंदिर चोरी मामला सुलझा: पुलिस एनकाउंटर में आरोपी गिरफ्तार, मुकुट के हिस्से बरामद
गोपालगंज (बिहार): गोपालगंज जिले के प्रसिद्ध थावे दुर्गा मंदिर में 17-18 दिसंबर की दरमियानी रात बड़े पैमाने पर हुई चोरी के मामले में पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस सनसनीखेज चोरी में देवी माता के सोने के मुकुट सहित अन्य बहुमूल्य आभूषण चोरी हो गए थे, जिन्हें लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय समाज में आस्था को गहरा आघात लगा था। पुलिस ने विशेष जांच टीम (SIT) गठित कर मामले की तह तक जाने का अभियान चलाया था, जिसके फलस्वरूप शनिवार को रिखई टोला क्षेत्र में पुलिस और आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक वांछित आरोपी इजमामुल आलम (21) को गिरफ्तार किया गया और इस कार्रवाई में उसे पैर में गोली भी लगी।
थावे पुलिस स्टेशन क्षेत्र में हुई इस चोरी में चोरों ने मंदिर के गर्भगृह से लगभग 500 ग्राम वजन का स्वर्ण मुकुट, अन्य सोने व चांदी के आभूषण तथा अन्य कीमती वस्तुएं ले गए थे, जिनका मूल्य करोड़ों रुपये आंका गया है। चोरी की वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था, जिसमें अपराधी मास्क पहने मंदिर के अंदर दाखिल होते और उधलग होते दिखे। पुलिस ने चोरी की गहन जांच शुरू कर दी थी और एसपी अवधेश दीक्षित ने इस उच्च-प्रोफ़ाइल मामले को प्राथमिकता पर रखा था।
पकड़े गए आरोपी इजमामुल आलम के पास से चोरी किए गए मुकुट का कुछ हिस्सा, आपराधिक सामग्री तथा मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार आलम ने पूछताछ में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं, जिनके आधार पर पूरी गैंग और बाकी चोरी की गई वस्तुओं की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। इससे पहले मामले में मुख्य आरोपी दीपक राय को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, और उसके दिए इनपुट से आगे की कार्रवाई को गति मिली। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में लगातार जांच और छानबीन कर रही है।
थावे दुर्गा मंदिर चोरी कांड ने स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी पर सवाल उठाए थे, क्योंकि मंदिर परिसर में पुलिस चौकी मौजूद थी, बावजूद इसके चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था। घटना के बाद पुलिस ने सुरक्षा कवच कड़ा कर दिया था और सभी संभावित सुरागों का वैज्ञानिक व तकनीकी माध्यमों से विश्लेषण जारी रखा है, ताकि बाकी चोरी गई वस्तुओं को भी वापस लाया जा सके।
यह मामला न सिर्फ अपराध की श्रेणी में है, बल्कि धार्मिक आस्था के प्रतीक स्थल पर हमला होने के कारण श्रद्धालुओं के मन में भी गहरी चिंता का विषय बना हुआ है। पुलिस व्यवस्था और जिला प्रशासन ने ऐसे मामलों को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं।

