सिसवन रेफरल अस्पताल में आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार से बचाव का विशेष प्रशिक्षण
सिवान (बिहार): सिसवन प्रखंड के रेफरल अस्पताल परिसर में शुक्रवार को आशा कार्यकर्ताओं के लिए कालाजार बीमारी से बचाव एवं नियंत्रण को लेकर एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार के लक्षण, इसके फैलने के कारण, रोकथाम के प्रभावी उपाय और समय पर उपचार की विस्तृत जानकारी दी गई, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्र में इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ा सकें।
प्रशिक्षण सत्र को जीतेंद्र दत्त गुप्ता और सतीश कुमार शर्मा ने संबोधित किया। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं को कालाजार की पहचान, प्रारंभिक लक्षण जैसे लंबे समय तक बुखार, वजन कम होना और तिल्ली का बढ़ना, तथा समय पर जांच व इलाज की आवश्यकता के बारे में विस्तार से बताया। वक्ताओं ने कहा कि कालाजार एक गंभीर लेकिन पूरी तरह से इलाज योग्य बीमारी है, बशर्ते इसका समय रहते उपचार किया जाए।
इस अवसर पर जीतेंद्र दत्त गुप्ता ने आशा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अपने-अपने गांवों में कालाजार के प्रति लोगों को जागरूक करें और मच्छरों से बचाव, साफ-सफाई तथा स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझाएं। उन्होंने कहा कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के बीच सेतु का काम करती हैं, इसलिए उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
वहीं सतीश कुमार शर्मा ने कहा कि कालाजार की रोकथाम में आशा कार्यकर्ताओं की सक्रियता से ही इस बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि यदि उनके क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति में कालाजार के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाकर जांच और उपचार सुनिश्चित कराएं।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में सिसवन प्रखंड के विभिन्न गांवों से आईं बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे उन्हें जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने में मदद मिलेगी।

