सारण: एनएच-31 सड़क निर्माण को लेकर बवाल, मुआवजे की मांग पर अड़े मकान मालिक
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी प्रखंड के मझनपुरा इलाके में एनएच-31 सड़क निर्माण कार्य के दौरान उस समय तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब सड़क के दोनों किनारों पर स्थित मकानों को तोड़ने के लिए बुलडोजर के साथ अधिकारी और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंचे। प्रशासन की इस कार्रवाई का भू-स्वामियों और मकान मालिकों ने कड़ा विरोध करते हुए मकानों को तोड़ने नहीं दिया और सड़क पर उतरकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
प्रदर्शन कर रहे मकान मालिकों का कहना था कि सरकार द्वारा उनकी जमीन और मकान का अब तक उचित मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जब तक उन्हें उनके मकानों का पूरा और न्यायसंगत मुआवजा नहीं मिल जाता, तब तक किसी भी हालत में बुलडोजर चलने नहीं दिया जाएगा। लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुआवजा भुगतान की मांग को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी।
मौके पर मौजूद कौरु-धौरु पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि उदय शंकर सिंह ने कहा कि सड़क निर्माण के नाम पर गरीब, बेसहारा और मजदूर तबके के लोगों के मकानों को अतिक्रमण बताकर चिन्हित किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना मुआवजा दिए ही प्रशासन मकान तोड़ने की तैयारी में था, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि प्रत्येक प्रभावित परिवार के कागजात का विधिवत मिलान कर पहले मुआवजा दिया जाए, उसके बाद ही तोड़फोड़ की कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित लोगों के कागजात का मिलान कर सात दिनों के भीतर मुआवजे की राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। इसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। आश्वासन के बाद स्थिति कुछ हद तक शांत हुई, हालांकि मकान मालिक अभी भी मुआवजा मिलने तक सतर्क बने हुए हैं।

