समाहरणालय कर्मियों का आंदोलन तेज, अर्धनग्न प्रदर्शन से सरकार पर दबाव
पटना (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) के बैनर तले समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग के कर्मियों की 10 सूत्री मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग स्थित धरनास्थल पर सोमवार को भी आंदोलन जारी रहा। हड़ताल के 17वें दिन कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष कपड़े उतारकर अर्धनग्न प्रदर्शन किया। आंदोलनकारियों का कहना है कि सरकार उनकी जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है।
राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी धरनास्थल पहुंचकर आंदोलन को समर्थन दिया और कर्मचारियों को संबोधित किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मियों की समस्याओं का समाधान करने में पूरी तरह असफल रही है।
संघ के अध्यक्ष कुमार इंद्रजीत, राज्य सचिव सैयद मोहम्मद नजमी और महासचिव मोहम्मद सईद आलम ने बताया कि कर्मचारी लंबे समय से काला बिल्ला, टिफिन अवधि में प्रदर्शन, मशाल जुलूस और ज्ञापन सौंपने जैसे कार्यक्रम कर रहे हैं। लेकिन जब सरकार ने ध्यान नहीं दिया तो 9 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करनी पड़ी।
आंदोलन में शामिल नेताओं ने कहा कि पदसोपान व ग्रेड वेतन में संशोधन सहित 10 सूत्री मांगों को लेकर राज्य भर के समाहरणालय, अनुमंडल, प्रखंड और अंचल कार्यालयों के लिपिक हड़ताल पर हैं। 25 अगस्त को आक्रोशित कर्मचारियों ने पटना में मुख्यमंत्री के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया।
नेताओं का आरोप है कि अब तक न तो विभागीय मंत्री और न ही अपर मुख्य सचिव ने संघ के प्रतिनिधियों से मिलकर कोई सकारात्मक निर्णय लिया है। इसी उपेक्षा के कारण कर्मियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि यदि सरकार ने अब भी सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन और उग्र होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
धरना स्थल पर महासंघ गोप गुट के अध्यक्ष रामबली प्रसाद, महासचिव प्रेमचंद कुमार सिन्हा, अध्यक्ष निरंजन कुमार सिन्हा, सलाहकार मंडल के सदस्य जियालाल प्रसाद सहित कई नेताओं ने आंदोलनकारियों को संबोधित किया।
इस बीच, बिहार अनुसचिवीय कर्मचारी संघ (गोप गुट) के माध्यम से जारी बयान में बताया गया कि मंगलवार को आंदोलन 19वें दिन में प्रवेश कर चुका है और कर्मचारी अपनी मांगों पर अडिग हैं।