छोटे विवादों में न्यायालय की बजाय आपसी सौहार्दपूर्ण वातावरण में निस्तारण हो डीजे मेगा विधिक चेतना शिविर आयोजित।
रिपोर्ट: सुरेश सैनी
राजस्थान: राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (राजस्थान उच्च न्यायालय परिसर) जयपुर के निर्देशानुसार “मेगा विधिक चेतना शिविर मुख्य अतिथि जिला एवं सेशन न्यायाधीश सत्यनारायण व्यास श्रीगंगानगर रहे। शिविर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया श्रीगंगानगर की अध्यक्षता में किया गया। यह मेगा विधिक चेतना शिविर “ न्याय आपके द्वार ” थीम पर आधारित रहा, जिसमें विभिन्न विभागों से आए प्रतिनिधि एवं समस्त ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा मौके पर पात्र व्यक्तियों को भी लाभान्वित किया गया।
सत्यनारायण व्यास, जिला एवं सेशन न्यायाधीश ने बताया कि मुकदमा एक सामाजिक बीमारी है। छोटे विवादों के लिए न्यायालयों में जाने की बजाय आपसी सौहार्द भावना से विवाद के निस्तारण के प्रयास किये जाने चाहिए, जिससे न किसी की हार न किसी की जीत का आशय फलीभूत हो सके। साथ ही जिला न्यायाधीश ने राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार चलाये जा रहे लीगल ऐड डिफेंस काउंसिल कार्यालय के बारे में भी बताया जिसमें अभियुक्त पक्ष की ओर से फौजदारी प्रकरणों में पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता को नियुक्त किये जाने का प्रावधान है गजेन्द्र सिंह तेनगुरिया ने विधिक सेवा अधिनियम 1987 के बारे में विस्तार से बताया। साथ ही विभिन्न जनोपयोगी योजनाओं यथा निःशुल्क विधिक सहायता, राजस्थान पीड़ित प्रतिकर स्कीम 2011, विधिक साक्षरता शिविरों के बारे में भी विस्तार से बताया तेनगुरिया ने मौके पर उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों से उनकी ग्राम पंचायतों के राजीनामा योग्य लम्बित मामलों में दोनों पक्षकारों में मध्य आपसी वार्ता से राजीनामा कर प्रकरण का निस्तारण करवाये जाने के प्रयास हेतु अनुरोध किया, ताकि कम समय में सभी पक्षकारों को लाभ मिल सके। कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे, समय तथा धन की बर्बादी को रोका जा सके।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कुलदीप इंदौरा, जिला प्रमुख महेन्द्र के.एस. सोलंकी, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नवदीप, न्यायाधिकारी ग्राम न्यायालय मनोज मीणा, उपखण्ड अधिकारी सतनाम सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
