जनगणना 2027: सारण में दूसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू, 25 जनवरी से घर-घर होगी जनसंख्या गणना
10 से 24 जनवरी तक नागरिक स्वयं मोबाइल ऐप से भर सकेंगे परिवार की जानकारी, 25 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रगणक करेंगे मकानों का दौरा
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: भारत की जनगणना 2027 को लेकर सारण जिले में जिला स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला के दूसरे बैच का प्रशिक्षण रविवार को डीआरडीए सभागार में शुरू हुआ। इसमें नगर और ग्रामीण क्षेत्रों के कुल 36 सहायक चार्ज अधिकारी प्रशिक्षु के रूप में भाग ले रहे हैं। प्रधान जिला जनगणना अधिकारी सह जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव के निर्देशानुसार आयोजित प्रशिक्षण में अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, तकनीकी व्यवस्था और उनके दायित्वों की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत पटना डीसीओ से आईं जिला नोडल सह स्टेट लेवल मास्टर ट्रेनर अदिति आनंद और सहयोगी आयुषी सिंह ने की। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने जनगणना के दूसरे चरण यानी जनसंख्या परिगणना की अधिसूचना जारी कर दी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 10 जनवरी से 24 जनवरी 2027 तक स्व-गणना होगी। इस दौरान नागरिक मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं और अपने परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 25 जनवरी से 28 फरवरी तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे। वहीं, एक से पांच मार्च तक पुनरीक्षण राउंड आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने जनगणना के व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक को इसकी जानकारी होनी चाहिए, ताकि वह निर्धारित समय पर अपनी सूचनाएं दर्ज करा सके।
पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना, समयबद्धता पर जोर
प्रशिक्षकों ने बताया कि जनगणना 2027 भारत की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना होगी। इसे त्रुटिरहित और निर्धारित समय सीमा में पूरा करना सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि चार्ज अधिकारियों का दो दिवसीय गहन प्रशिक्षण पहले ही आयोजित किया जा चुका है। अब सहायक चार्ज अधिकारियों को वास्तविक कार्यों की जिम्मेदारी निभानी है।
त्रिस्तरीय व्यवस्था से होगी रियल टाइम निगरानी
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जनगणना कार्य की रियल टाइम निगरानी और समीक्षा चार्ज स्तर से लेकर जिला, राज्य और जनगणना निदेशालय तक की जाएगी। इसे सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता वाला कार्य बताते हुए प्रशिक्षकों ने कहा कि जितना बेहतर प्रशिक्षण होगा, जनगणना का काम उतना ही सटीक और त्रुटिरहित होगा।
सहायक चार्ज अधिकारियों को उनके कार्य और दायित्वों की जानकारी देते हुए कहा गया कि जनगणना राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर की योजनाओं का आधार होती है। इसका मूल उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति गणना से छूटे नहीं और किसी का दोहरीकरण भी न हो। इसके लिए विशेष पोर्टल और सीएमएमएस ऐप का संचालन अच्छी तरह सीखने की सलाह दी गई। फील्ड कार्य और पोर्टल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया गया।
कानूनी प्रावधानों से लेकर तकनीकी पहलुओं तक का प्रशिक्षण
कार्यशाला में जनगणना से जुड़े कानूनी प्रावधान, प्रगणक और पर्यवेक्षक के कार्य एवं दायित्व, क्षेत्र में काम करने के मानक और व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके साथ ही सीएमएमएस पोर्टल का संचालन, हाउस लिस्टिंग ब्लॉक, पीई निर्माण, नजरी नक्शा तैयार करने और सुपरवाइजरी सर्किल बनाने का लाइव डेमो दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों की तकनीकी शंकाओं का मौके पर ही समाधान किया गया।
क्विज से परखी गई प्रशिक्षुओं की क्षमता
अपर जिला जनगणना अधिकारी सह जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी (DIO) तारणी कुमार के नेतृत्व में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से प्रशिक्षुओं की क्षमता का आकलन किया गया। इसके लिए सभी प्रतिभागियों को मोबाइल लिंक के जरिए क्विज से जोड़ा गया। डेमो ऐप पर लॉगइन कराकर हैंड्स-ऑन अभ्यास भी कराया गया। सत्र के अंत में 30 प्रश्नों की ऑनलाइन परीक्षा आयोजित कर प्रशिक्षण से प्राप्त जानकारी और क्षमता की जांच की गई।
जनगणना कार्य के लिए जिले में विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और कर्मियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार जिला स्तरीय अधिकारी 11, अनुमंडल पदाधिकारी 3, ग्रामीण चार्ज अधिकारी 20, सहायक प्रखंड चार्ज अधिकारी 20 और नगर निकाय चार्ज अधिकारी 10 हैं। इसके अतिरिक्त जिला एवं प्रखंड स्तर पर 128 कर्मियों तथा 32 तकनीकी सहायकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।

