शारदीय नवरात्र में गुलजार हुआ मां अंबिका भवानी का दरबार, आधी रात तक गूंज रहे जयकारे
भोर चार बजे से शुरू होती है आरती, मन्नतें पूरी होने पर श्रद्धालु कराते हैं मां का विशेष शृंगार
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: शारदीय नवरात्र के अवसर पर सारण जिले के दिघवारा प्रखंड अंतर्गत आमी गांव स्थित सिद्धपीठ मां अंबिका भवानी मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भोर चार बजे से आरती, घंटियों की गूंज और मां के जयकारों के बीच मंदिर परिसर भक्तिमय बना हुआ है। सुबह की पहली आरती से लेकर देर रात तक विशेष शृंगार और आरती के दर्शन के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है।
कोई परिवार की सुख-समृद्धि की कामना लेकर मां के दरबार में पहुंच रहा है, तो कोई मनोकामना पूरी होने पर कृतज्ञता व्यक्त करने के लिए पूजा-अर्चना कर रहा है। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में भक्त मां के दर्शन और देवी पाठ के लिए पहुंच रहे हैं।
देर रात तक विशेष शृंगार और आरती
नवरात्र के दौरान मां अंबिका भवानी का विशेष शृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। फूलों, आभूषणों और सुंदर अंगवस्त्रों से सुसज्जित मां के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए देर रात तक भक्त मंदिर परिसर में मौजूद रहते हैं। आरती के दौरान सामूहिक जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठता है।
मंदिर के पुजारी राजेश उर्फ विट्ठल तिवारी ने बताया कि मां अंबिका भवानी के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था है। मनोकामना पूरी होने पर अनेक भक्त विशेष पूजा-अर्चना कराते हैं और फूलों, आभूषणों तथा अंगवस्त्रों से मां का शृंगार करते हैं। इसे वे मां के प्रति अपनी श्रद्धा और कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम मानते हैं।
सामर्थ्य के अनुसार करें मां की आराधना
मंदिर के दूसरे पुजारी गणेश उर्फ चुनचुन तिवारी ने कहा कि नवरात्र देवी उपासना, आत्मसंयम और आध्यात्मिक साधना का महत्वपूर्ण अवसर है। श्रद्धालुओं को अपनी शारीरिक क्षमता, स्वास्थ्य और सामर्थ्य के अनुसार व्रत रखकर मां की आराधना करनी चाहिए। भक्ति का मूल भाव श्रद्धा और समर्पण है। उन्होंने लोगों से संयम और सद्भाव के साथ पूजा-अर्चना करने की अपील की।
आस्था का प्रमुख केंद्र है आमी का सिद्धपीठ
आमी स्थित मां अंबिका भवानी मंदिर सारण जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ मंदिर की धार्मिक महत्ता और जनआस्था को दर्शाती है। भक्त मां के दर्शन, पूजा-पाठ और आरती में शामिल होकर परिवार की खुशहाली, जीवन की बाधाओं से मुक्ति और सुख-शांति की कामना कर रहे हैं। मां के जयकारों के बीच मंदिर परिसर में पूरे नवरात्र भक्ति और उत्साह का माहौल बना हुआ है।

