सारण में आज से ‘चिकित्सा आपके द्वार’, घर-घर होगी गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग
मधुमेह, बीपी, हृदय रोग से लेकर कैंसर तक की होगी जांच, जोखिम वाले मरीजों को मिलेगा नि:शुल्क उपचार:
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले में गंभीर एवं गैर- संचारी रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करने के लिए बुधवार से ‘जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार’ विशेष अभियान का शंखनाद होगा। राज्य स्तर पर अभियान की शुरुआत 2 सितंबर को पटना स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में स्वास्थ्य मंत्री निशांत की उपस्थिति में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। इसके बाद जिले में स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर- घर पहुंच कर लोगों की स्क्रीनिंग करेंगी। इस संबंध में जिला गैर- संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने बताया कि अभियान के लिए विशेष टीमों को लगाया गया है। आशा कार्यकर्ता, आशा फैसिलिटेटर और एएनएम घर- घर जाकर फैमिली फोल्डर और सी- बैक फॉर्म भरेंगी। इससे बीमारी के संभावित जोखिम वाले लोगों की सूची तैयार की जाएगी। इसके बाद आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की ऊंचाई, वजन और बीएमआई की जांच की जाएगी। प्रखंड और जिला स्तर पर अभियान की नियमित समीक्षा होगी। बीएचएम, बीसीएम और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी प्रतिदिन प्रगति की निगरानी करेंगे, जबकि एनसीडी पोर्टल पर आंकड़ों की रियल- टाइम एंट्री की जाएगी।
फैटी लिवर से लेकर कैंसर तक की होगी पहचान: डॉ संतोष कुमार
होमी भाभा कैंसर सह शोध संस्थान के डॉ संतोष कुमार ने बताया कि फैटी लिवर की स्क्रीनिंग में बीएमआई के साथ कमर का घेरा मापा जाएगा। अधिक जोखिम वाले लोगों से शराब सेवन संबंधी जानकारी ली जाएगी और गैर- शराबियों में फैटी लिवर की आशंका होने पर उन्हें सदर अस्पताल रेफर किया जाएगा। वहीं धूम्रपान, चूल्हे के धुएं के संपर्क और लगातार कफ जैसी समस्याओं वाले लोगों की सांस संबंधी जांच की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पीक फ्लो मीटर और एक्स-रे की सुविधा मिलेगी। कैंसर स्क्रीनिंग के दौरान मुंह के छाले, अल्सर और मुंह खुलने की क्षमता की जांच की जाएगी। महिलाओं में स्तन और सर्वाइकल कैंसर के संभावित लक्षणों की पहचान कर आवश्यकता के अनुसार उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया जाएगा।
बीमारी की समय पर पहचान और त्वरित उपचार अभियान का मुख्य उद्देश्य: स्वाति
शेरपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ स्वाति ने बताया कि अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी घर- घर पहुंच कर लोगों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति जागरूक करने के साथ जांच और उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। अभियान के तहत मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, सीओपीडी, नॉन- अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज तथा मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर की स्क्रीनिंग की जाएगी। इस दौरान लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य परामर्श, पंजीकरण, आवश्यक जांच और दवाइयां उपलब्ध कराई जाएंगी। क्योंकि बदलती जीवनशैली के कारण गैर- संचारी रोगों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में बीमारी को गंभीर अवस्था में पहुंचने से पहले ही पहचानना और उपचार शुरू करना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है।

