विश्व रिकॉर्ड होल्डर इंदु नांदल विश्व हिंदी परिषद की इंडोनेशिया शाखा की अध्यक्ष मनोनीत
29 वर्षों से इंडोनेशिया में भारतीय संस्कृति और हिंदी के प्रचार-प्रसार से जुड़ीं इंदु नांदल; साहित्य, पर्यावरण और कला के क्षेत्र में योगदान का दावा
लखनऊ/जकार्ता, 27 सितंबर 2026
भारतीय मूल की साहित्यकार एवं शिक्षिका इंदु नांदल को विश्व हिंदी परिषद की इंडोनेशिया शाखा का अध्यक्ष मनोनीत किया गया है। परिषद के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. विपिन कुमार की ओर से जारी पत्र के माध्यम से उनके मनोनयन की घोषणा किए जाने की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है।
मनोनयन पर परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. डीपी मिश्रा, डॉ. अशोक कुमार भार्गव, डॉ. दुर्गा सिन्हा, राष्ट्रीय संपर्क समन्वयक डॉ. नंदकिशोर साह सहित देश-विदेश के साहित्यकारों, समाजसेवियों और पत्रकारों ने बधाई दी है।
इंडोनेशिया में हिंदी और भारतीय संस्कृति से जुड़ा कार्य
परिषद की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, इंदु नांदल पिछले करीब 29 वर्षों से इंडोनेशिया और दो वर्षों तक जर्मनी में रहकर भारतीय संस्कृति, प्रकृति और प्रगति से जुड़े विषयों पर काम कर रही हैं। वर्ष 2008 से 2020 तक उन्होंने इंडोनेशिया के रामा इंटरनेशनल स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्य किया।
वर्तमान में वे इंडोनेशिया में बच्चों को अंग्रेजी पढ़ाने के साथ भारतीय बच्चों को भारतीय संस्कृति, मातृभाषा और ज्ञान परंपरा से जोड़ने के लिए भी गतिविधियां संचालित करती हैं।
वे महिला काव्य मंच इंडोनेशिया की अध्यक्ष तथा जर्मनी की अध्यक्ष के रूप में 2020 से 2023 तक जुड़ी रहीं। इसके अलावा जुलाई 2023 से दिसंबर 2025 तक एलपीजीआईएसए अंतरराष्ट्रीय काव्य संस्था की कंट्री प्रेसिडेंट रहने की जानकारी भी दी गई है।
साहित्य और पर्यावरण के क्षेत्र में रिकॉर्ड का दावा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इंदु नांदल ने भारत से जुड़े विषयों पर छह विश्व रिकॉर्ड स्थापित किए हैं। इनमें रामायण पर 665 पंक्तियों की कविता से जुड़े रिकॉर्ड का उल्लेख किया गया है, जिसे वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन में दर्ज होने की बात कही गई है।
उनकी पुस्तक ‘भारतीय हरित धरोहर’ को द हिंद बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स द्वारा भारतीय पेड़-पौधों और फूलों के बड़े संग्रह के रूप में सम्मानित किए जाने का भी दावा किया गया है।
विज्ञप्ति में यह भी बताया गया है कि उनकी चार रिकॉर्ड-आधारित पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और वे हिंदी, अंग्रेजी, हरियाणवी तथा इंडोनेशियाई भाषाओं में लेखन करती हैं।
भारतीय संस्थानों से जुड़ी गतिविधियां
प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक उनकी पुस्तकें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, इसरो के वैज्ञानिकों, भारतीय दूतावास जकार्ता, काउंसिल जनरल ऑफ इंडिया, इंडोनेशिया, सिंगापुर स्थित भारतीय उच्चायोग तथा विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों को भेंट की गई हैं।
विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान उन्होंने इंदु नांदल द्वारा लिखी कुछ पंक्तियों का उल्लेख किया था।
इंदु नांदल को वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स लंदन की ओर से ‘सर्टिफिकेट ऑफ कमिटमेंट’ तथा म्यूनिख स्थित भारतीय मिशन की ओर से हिंदी दिवस 2021 पर सम्मान मिलने की जानकारी भी दी गई है। उनके 50 से अधिक लेख द जकार्ता पोस्ट में प्रकाशित होने और पांच वर्षों तक आकाशवाणी पर स्वरचित कविताओं का पाठ करने का भी दावा किया गया है।
भारत-इंडोनेशिया सांस्कृतिक संबंधों में सक्रिय भागीदारी
विज्ञप्ति के अनुसार, वे इंडोनेशिया स्थित भारतीय दूतावास के गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस समारोहों में विद्यार्थियों को देशभक्ति गीत सिखाकर ले जाती रही हैं तथा कविता पाठ में भी भाग लेती रही हैं।
भारत और इंडोनेशिया के बीच मैत्री के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हिंदी कविता पाठ के लिए भारतीय राजदूत से प्रशंसा प्रमाण पत्र मिलने की जानकारी दी गई है। सितंबर 2026 में साहित्य, भारतीय संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए इंडोनेशिया में भारत के महावाणिज्यदूत रवि शंकर गोयल द्वारा सम्मानित किए जाने का भी उल्लेख है।
खेल और कला में भी सक्रिय रहीं
इंदु नांदल के खेल और कला क्षेत्र से जुड़े होने की जानकारी भी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई है। उन्हें राष्ट्रीय स्तर की वॉलीबॉल खिलाड़ी और स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा चयनित खिलाड़ी बताया गया है। उन्होंने ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी वॉलीबॉल चैंपियनशिप में भाग लिया।
इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय युवा महोत्सव में माइम श्रेणी में प्रथम पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय लोकनृत्य में द्वितीय स्थान प्राप्त करने का दावा भी किया गया है।
विश्व हिंदी परिषद की ओर से उम्मीद जताई गई है कि इंदु नांदल के नेतृत्व में इंडोनेशिया में हिंदी और भारतीय संस्कृति से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

