लोहार जाति का अनुसूचित जनजाति दर्जा पुनः बहाल कराने के लिए राज्यव्यापी आंदोलन की तैयारी
6 सितंबर को पटना में होगी लोहार समाज के विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक, सारण से प्रतिनिधि होंगे शामिल
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: लोहार जाति को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा पुनः बहाल कराने की मांग को लेकर राज्यव्यापी आंदोलन की रणनीति तैयार की जा रही है। इसी क्रम में रविवार को छपरा के शिशु पार्क मंदिर परिसर में लोहार विकास मंच एवं लोहार कल्याण समिति, सारण इकाई के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. इंद्रकांत 'बबलू' ने की। इस दौरान आगामी 6 सितंबर 2026 को आईएमए हॉल, गांधी मैदान, पटना में प्रस्तावित लोहार जाति के विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक की तैयारियों और रणनीति पर चर्चा की गई।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों के प्रतिनिधि एवं प्रमुख सामाजिक प्रतिनिधि पटना की बैठक में शामिल होंगे। वहां लोहार जाति के अनुसूचित जनजाति के दर्जे से संबंधित मांग को लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सरकार से आरक्षण बहाली की मांग
प्रतिनिधियों ने कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार से लोहार जाति के लिए अनुसूचित जनजाति का आरक्षण पुनः बहाल करने का आग्रह किया जाएगा। साथ ही इस प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी अड़चनों को दूर कर जल्द से जल्द लोहार समाज के साथ न्याय करने की मांग उठाई जाएगी।
बैठक में जातीय जनगणना के दौरान लोहार जाति की राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक भागीदारी से जुड़े विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में द्वारिका शर्मा, विजय लाल शर्मा, शंभू शर्मा, संतोष शर्मा, कन्हैया शर्मा, रोहित शर्मा, सुरेश शर्मा, राकेश शर्मा, राहुल शर्मा, कौशल शर्मा, दीपक शर्मा, उमेश शर्मा, डॉ. प्रभुनाथ शर्मा, पशुपतिनाथ शर्मा, कामेश्वर शर्मा, अनिरुद्ध शर्मा, गुड्डू विश्वकर्मा, परमहंस विश्वकर्मा, किशोर शर्मा, दया प्रताप शर्मा, शंकर शर्मा, संजीत शर्मा, मुन्ना शर्मा, पप्पू शर्मा सहित कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।

