बिहार केसरी श्री बाबू को भारत रत्न देने की मांग, छपरा में उठी एकजुट आवाज
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर भव्य समारोह, आधुनिक बिहार के निर्माण में उनके योगदान को किया गया याद; मांग को जनआंदोलन बनाने का संकल्प
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री और आधुनिक बिहार के निर्माता बिहार केसरी डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर रविवार को छपरा में भव्य समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और बिहार के नवनिर्माण में ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए उन्हें मरणोपरांत देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि श्री बाबू का योगदान केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने बिहार के सामाजिक, शैक्षणिक, औद्योगिक और आर्थिक विकास को नई दिशा देने का काम किया।
शहर के बाजार समिति स्थित साढ़ा ढाला के अयोध्या नगर में आयोजित समारोह में सारण जिले के विभिन्न क्षेत्रों से श्री बाबू के समर्थक, प्रशंसक और गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में बिहार प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर शर्मा, पटना एम्स के कैंसर विभागाध्यक्ष डॉ. जगजीत पांडेय, जदयू के सारण जिलाध्यक्ष वैद्यनाथ प्रसाद सिंह विकल तथा भाजपा के सारण जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पुष्पांजलि और दीप प्रज्वलन से हुआ शुभारंभ
समारोह की शुरुआत डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के चित्र पर पुष्प अर्पित करने और दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। इसके बाद ब्रह्मर्षि वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से अतिथियों का स्वागत एवं सम्मान किया गया। एसोसिएशन के प्रवक्ता प्रवीण शांडिल्य ने मुख्य अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। वहीं, अध्यक्ष मनमोहन पांडेय ने अन्य गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र प्रदान किया।
आधुनिक बिहार के निर्माण में योगदान को किया याद
समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह ने अपने कार्यकाल में बिहार को विकास की नई पहचान दिलाने के लिए कई दूरगामी फैसले लिए। शिक्षा के विस्तार, औद्योगिक विकास, सामाजिक सुधार और आर्थिक प्रगति के क्षेत्र में उनके प्रयास आज भी प्रासंगिक हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व और विकासपरक सोच ने आधुनिक बिहार की आधारशिला रखी।
वक्ताओं ने कहा कि श्री बाबू जैसे महान व्यक्तित्व के योगदान और ऐतिहासिक भूमिका को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है। उनके विचारों और विकास कार्यों से आज भी प्रेरणा ली जा सकती है।
भारत रत्न की मांग को जनआंदोलन बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सवाल उठाया कि बिहार के नवनिर्माण में इतना महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महापुरुष को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि डॉ. श्रीकृष्ण सिंह के ऐतिहासिक योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न प्रदान किया जाए।
वक्ताओं ने इस मांग को केवल समारोहों और मंचों तक सीमित रखने के बजाय व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने और इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती से उठाने की अपील की।
समारोह में कार्यक्रम संयोजक शंभू प्रसाद सिंह, सह-संयोजक इंजीनियर प्रभाष शंकर, श्याम नंदन सिंह विद्रोही, सोनू जी, टुन्ना मुखिया, अभय सिंह, राकेश कुमार और संतोष शर्मा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं श्री बाबू के समर्थक उपस्थित रहे।
छपरा में आयोजित यह जयंती समारोह बिहार केसरी के योगदान को याद करने के साथ ही उन्हें भारत रत्न देने की मांग को एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श के केंद्र में लाने का माध्यम बना। उपस्थित लोगों ने इस मांग को संगठित तरीके से आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

