लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग शुरू
तकनीकी पहलुओं को मजबूत करने और एचआईवी जांच एवं रिपोर्टिंग प्रक्रिया में सुधार पर जोर,
बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति और बीवीएचए के संयुक्त तत्वावधान में हो रही कार्यशाला
✍️ धर्मेंद्र रस्तोगी:
पटना (बिहार) | 02 नवम्बर 2026
राज्य में संदिग्ध एचआईवी संक्रमितों की पहचान की प्रक्रिया को तकनीकी रूप से अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय रिफ्रेशर ट्रेनिंग सोमवार को पटना के एक निजी होटल में शुरू हुई। बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति और बिहार वोलंटरी हेल्थ एसोसिएशन (बीवीएचए) के तत्वावधान में लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रम (टार्गेटेड इंटरवेंशन) के तहत आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यशाला में विभिन्न जिलों के कार्यक्रम प्रबंधक तथा मूल्यांकन एवं अनुश्रवण पदाधिकारी सह अकाउंट ऑफिसर भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण में पटना, बेगूसराय, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, कैमूर, पूर्वी चंपारण, सीवान और वैशाली जिले के पदाधिकारी शामिल हुए हैं। कार्यशाला का उद्घाटन बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सिन्हा, उप निदेशक मंत्रेश्वर पाठक और अतिरिक्त निदेशक राजीव रंजन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बिहार वोलंटरी हेल्थ एसोसिएशन के कार्यपालक निदेशक स्वपन मजूमदार, साथी की क्षेत्रीय प्रतिनिधि डॉ. तनुश्री गुप्ता सहित बीवीएचए की टीम मौजूद रही।
प्रशिक्षण के तकनीकी पहलुओं को मजबूत करने पर जोर
प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए संयुक्त निदेशक मनोज कुमार सिन्हा ने कहा कि सभी पदाधिकारी प्रशिक्षण कार्यशाला का पूरा लाभ उठाएं और कार्यक्रम के तकनीकी पहलुओं को मजबूत करने का प्रयास करें। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के बाद राज्य के एड्स नियंत्रण कार्यक्रम से संबंधित आंकड़ों में सुधार देखने को मिलेगा।
उप निदेशक मंत्रेश्वर पाठक ने प्रतिभागियों से पूरी लगन और गंभीरता के साथ प्रशिक्षण में भाग लेने की अपील की। वहीं, अतिरिक्त निदेशक राजीव रंजन कुमार ने समय पर रिपोर्टिंग की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि सभी जिले प्रत्येक महीने की दो तारीख तक अपनी मासिक रिपोर्ट राज्य कार्यालय को भेजना सुनिश्चित करें।
नाको की रिपोर्ट के आंकड़ों पर भी हुई चर्चा
कार्यशाला के दौरान बताया गया कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (नाको) की वर्ष 2025 की रिपोर्ट के अनुसार बिहार में लगभग 1.54 लाख एचआईवी पॉजिटिव मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशिक्षण कार्यशाला नाको के संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुरूप आयोजित की जा रही है।
साथी की क्षेत्रीय प्रतिनिधि डॉ. तनुश्री गुप्ता ने विभिन्न राज्यों में संचालित लक्षित हस्तक्षेप कार्यक्रमों की कार्यप्रणाली और अनुभवों के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला में बीवीएचए की भावना सिन्हा और राजू शर्मा ने मुख्य प्रशिक्षक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन बीवीएचए के कार्यपालक निदेशक स्वपन मजूमदार ने किया।

