बिहार की राजनीति में रोहिणी आचार्य का बड़ा फॉर्मूला, तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर को साथ आने की दी सलाह
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: बिहार की राजनीति में विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद विपक्षी एकता को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की नेता रोहिणी आचार्य ने तेजस्वी यादव और जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर को एकजुट होकर राजनीति करने की सलाह दी है। उन्होंने संकेत दिया है कि अगर दोनों नेता साथ आते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को कड़ी चुनौती दी जा सकती है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपने संदेश के जरिए विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया। उनका मानना है कि विपक्षी वोटों का बंटवारा भाजपा और एनडीए को चुनावी फायदा पहुंचाता है। अगर विपक्षी दल अपनी ताकत को एकजुट कर चुनावी मैदान में उतरें, तो सत्ता पक्ष के लिए मुकाबला मुश्किल हो सकता है।
क्या है रोहिणी आचार्य का फॉर्मूला?
रोहिणी आचार्य के अनुसार, राजद और जन सुराज के बीच चुनावी तालमेल होने से विपक्षी वोटों का बिखराव कम किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि विधान परिषद चुनाव में राजद और जन सुराज के उम्मीदवारों को मिले वोटों को जोड़कर देखा जाए, तो एनडीए को कई सीटों पर नुकसान उठाना पड़ सकता था।
उन्होंने तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर को साथ आने की सलाह देते हुए विपक्षी एकता को भाजपा के खिलाफ प्रभावी रणनीति के रूप में पेश किया। उनके इस सुझाव के बाद बिहार में संभावित नए राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चा तेज होने की संभावना है।
तेजस्वी यादव और प्रशांत किशोर साथ आएंगे?
तेजस्वी यादव बिहार में राजद के प्रमुख नेता हैं, जबकि प्रशांत किशोर जन सुराज के माध्यम से राज्य की राजनीति में अपनी अलग जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों नेताओं की राजनीतिक रणनीति और कार्यशैली अलग-अलग रही है। ऐसे में दोनों के बीच संभावित तालमेल बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।
हालांकि, रोहिणी आचार्य के सुझाव पर दोनों नेताओं की ओर से किसी औपचारिक गठबंधन की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल इसे एक राजनीतिक सुझाव के तौर पर ही देखा जा रहा है।

