जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारी शुरू, सारण में 121 अधिकारियों और कर्मियों को मिलेगा प्रशिक्षण
छह नवंबर तक चार चरणों में चलेगा प्रशिक्षण, पहली बार पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी जनगणना
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को गति देने के लिए सारण जिले में शुक्रवार से अधिकारियों और कर्मियों का प्रशिक्षण शुरू हो गया। शहर स्थित जिला अतिथि गृह (सर्किट हाउस) के सभागार में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कहा कि अब तक की गई तैयारियां जनगणना की मुख्य प्रक्रिया की भूमिका थीं। वास्तविक कार्य दूसरे चरण में जनसंख्या परिगणना के दौरान होगा। इसमें लोगों की संख्या के साथ उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति से संबंधित जानकारियां जुटाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनगणना देश के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है।
जिलाधिकारी ने कहा कि जिले में विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों के संचालन के बावजूद अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। इससे जनगणना कार्य की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। इस बार भारत में पहली बार पूरी तरह डिजिटल जनगणना कराई जाएगी। इसके लिए विकसित विशेष पोर्टल और जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली को सभी अधिकारी गंभीरता से सीखें तथा प्रशिक्षण के दौरान व्यावहारिक अभ्यास भी करें।
उन्होंने कहा कि बेहतर प्रशिक्षण से जनगणना का कार्य अधिक सटीक और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सकेगा। जिलाधिकारी ने प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई बातों की जांच के लिए प्रतिदिन शाम को परीक्षा आयोजित करने का निर्देश अपर जिला जनगणना अधिकारी सह डीआईओ तारणी कुमार को दिया।
छह नवंबर तक चार चरणों में प्रशिक्षण
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम छह नवंबर तक चार चरणों में आयोजित होगा। इसमें कुल 121 अधिकारी और कर्मचारी शामिल होंगे। प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9:30 बजे से शाम 6:15 बजे तक चलेगा। निदेशालय स्तर से प्रतिनियुक्त जिला नोडल अदिति आनंद और सहयोगी आयुषी सिंह सह मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षण दे रही हैं।
पहला चरण : 30 और 31 अक्टूबर
पहले चरण में 36 अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इनमें जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता मुकेश कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी निशांत किरण, अपर प्रधान जनगणना अधिकारी सह नगर आयुक्त, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अंजनी कुमार लाल और अनुमंडल पदाधिकारी नीतेश कुमार शामिल हैं।
इसके अलावा अमनौर, बनियापुर, छपरा सदर, दरियापुर, दिघवारा, एकमा, गरखा, इसुआपुर, जलालपुर, लहलादपुर, मकेर, मांझी, मढ़ौरा, मशरक, नगरा, पानापुर, परसा, रिविलगंज, सोनपुर और तरैया के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह चार्ज अधिकारी तथा नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी सह चार्ज अधिकारी भी प्रशिक्षण ले रहे हैं।
दूसरा चरण : एक और दो नवंबर
दूसरे चरण में 21 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें छपरा नगर निगम के सहायक चार्ज अधिकारी और सारण जिले के सभी 20 ग्रामीण क्षेत्रों के सहायक चार्ज अधिकारी शामिल होंगे। सोनपुर नगर परिषद और सभी नगर पंचायतों के सहायक चार्ज अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा।
तीसरा चरण : तीन और चार नवंबर
तीसरे चरण में 32 कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इनमें जिला स्तर के दो नियमित लिपिक, सभी प्रखंडों के एक-एक नियमित सहायक लिपिक और सभी नगर निकायों के एक-एक नियमित सहायक लिपिक शामिल होंगे।
चौथा चरण : पांच और छह नवंबर
अंतिम चरण में 32 तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसमें जिला स्तर के दो तकनीकी सहायक, सभी प्रखंडों के एक-एक तकनीकी सहायक और सभी नगर निकायों के एक-एक तकनीकी सहायक शामिल होंगे। निर्देश के अनुसार, सभी तकनीकी सहायकों को प्रशिक्षण के दौरान अपना लैपटॉप साथ लाना अनिवार्य होगा।
पहले चरण में मकान सूचीकरण का कार्य हो चुका है पूरा
जनगणना 2027 के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य पूरा किया जा चुका है। इसके तहत 17 अप्रैल से एक मई 2026 तक लोगों को स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। वहीं, दो मई से 31 मई 2026 तक प्रगणकों ने घर-घर जाकर मकानों की सूची तैयार की और संबंधित जानकारियां एकत्र कीं।
अब दूसरे चरण की तैयारी के तहत अधिकारियों और कर्मियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है, ताकि जनसंख्या परिगणना का कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सटीकता और पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा सके।

