नाबालिग से दुष्कर्म मामले में आरोपी को 20 साल की सजा, 50 हजार रुपये जुर्माना
पॉक्सो विशेष न्यायालय का फैसला, जुर्माना नहीं देने पर दोनों धाराओं में छह-छह माह की अतिरिक्त सजा; दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: नाबालिग लड़के के साथ दुष्कर्म के मामले में छपरा स्थित पॉक्सो विशेष न्यायालय की न्यायाधीश स्मिता राज ने आरोपी जहांगीर आलम को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी अवतार नगर थाना क्षेत्र के मठिया कमालपुर का निवासी है। न्यायालय ने पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और धारा 6 के तहत सजा सुनाते हुए प्रत्येक धारा में 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर प्रत्येक धारा में छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
यह फैसला अवतार नगर थाना कांड संख्या 296/24 से संबंधित पॉक्सो वाद संख्या 152/25 में सुनाया गया। अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो सर्वजीत ओझा और उनके सहायक अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने न्यायालय में सरकार का पक्ष रखा। मामले में अभियोजन की ओर से कुल सात गवाहों की गवाही कराई गई। वहीं, सूचिका की ओर से अधिवक्ता अजय प्रकाश सिंह ने पक्ष प्रस्तुत किया।
मेला दिखाने का लालच देकर घर ले जाने का आरोप
मामले के अनुसार, नाबालिग लड़के की मां ने 2024 में अवतार नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनका बेटा अपने फूफा के घर गया था और दरवाजे पर खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी उसे मेला दिखाने का लालच देकर अपने घर ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
आरोप के मुताबिक, किसी तरह आरोपी के घर से निकलकर बच्चा अपने घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद उसकी मां ने पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले की सुनवाई के बाद पॉक्सो विशेष न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

