छपरा में चैतन्य देवी की झांकी से नशामुक्ति का संदेश
नवरात्र में बुराइयों के त्याग और सकारात्मक जीवन अपनाने की अपील, जनप्रतिनिधियों व गणमान्य लोगों ने की सहभागिता
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण जिले के छपरा शहर स्थित रामराज्य मोड़ के समीप प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की ओर से चैतन्य देवियों की झांकी आयोजित की गई है।नवरात्र के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से आध्यात्मिक जागरूकता के साथ- साथ नशा मुक्त समाज का संदेश भी दिया गया। झांकी का उद्घाटन विभिन्न दिनों अलग - अलग गणमान्य लोगों द्वारा करने के बाद देवी आरती का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के साथ नशा मुक्त भारत अभियान के तहत लोगों को नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा भी दिलाई गई। ब्रह्माकुमारी संस्थान के राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के सहयोग से चल रही इस पहल का उद्देश्य नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाना और स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना है। यह अभियान बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित किया जा रहा है।
आत्मशुद्धि और सकारात्मक बदलाव का संदेश:
ब्रह्माकुमारी (बीके) अनामिका दीदी ने बताया कि नवरात्र बुराइयों का त्याग कर अपने भीतर देवी गुणों को धारण करने की प्रेरणा देता है। इसी भावना के अनुरूप लोगों को नशा, नफरत, द्वेष और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। देवी के समक्ष अपनी कमजोरियों का त्याग करने का संकल्प सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम बन सकता है।
चार दिनों में कई गणमान्य लोगों ने लिया हिस्सा:
आयोजन के पहले दिन पूर्व विधायक सीएन गुप्ता, रामराज्य समिति के अध्यक्ष चंद्रमा राय और समिति के सदस्य शामिल हुए। दूसरे दिन विधान पार्षद प्रो. वीरेंद्र नारायण यादव ने सहभागिता की। तीसरे दिन डीएसपी (मुख्यालय) अभिषेक, डॉ. हरेंद्र सिंह और स्टेशन निदेशक राजेश प्रसाद उपस्थित रहे। चौथे दिन विधायक छोटी कुमारी, वार्ड पार्षद राजू श्रीवास्तव, सामाजिक कार्यकर्ता धर्मनाथ पिंटू, इनर व्हील की अध्यक्ष प्रिया पुनीत सहित शहर के अन्य गणमान्य लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
इस आयोजन को सफल बनाने में छपरा सेवा केंद्र की संचालिका बीके अनामिका के साथ बीके प्रियांशु, बीके ज्योति, बीके बंटी भाई, बीके राजा भाई और बीके अरविंद सहित अन्य सदस्यों का सहयोग रहा। झांकी और प्रतिज्ञा अभियान के जरिए धार्मिक आयोजन को सामाजिक सरोकार से जोड़ते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण का प्रयास किया जा रहा है।

