मनरेगा योजना में एक करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप, डीएम-डीडीसी और बीडीओ से जांच की मांग
सिवान (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: भगवानपुर हाट प्रखंड की बलहाँ एराजी पंचायत में मनरेगा एवं जी राम जी योजना के तहत करीब एक करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता और घोटाले का आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी, डीडीसी एवं बीडीओ को आवेदन दिया गया है। सहसा गांव निवासी संजय प्रसाद ने आवेदन देकर पंचायत की विभिन्न योजनाओं की उच्चस्तरीय जांच एवं भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि पंचायत की निर्वाचित मुखिया पम्मी कुमारी हैं, लेकिन उनके स्थान पर उनके जेठ अवधेश कुमार पाण्डेय द्वारा पंचायत का कार्य संचालित किया जाता है। आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि सरकारी कागजातों पर मुखिया के हस्ताक्षर भी अवधेश कुमार पाण्डेय द्वारा किए जाते हैं। आवेदक के अनुसार मुखिया के पति बोकारो, झारखंड में नौकरी करते हैं और मुखिया अपने बच्चों के साथ वहीं रहती हैं। विशेष परिस्थितियों में ही उनके पंचायत में आने की बात कही गई है।
संजय प्रसाद ने आरोप लगाया है कि पंचायत में पीआरएस धर्मेंद्र कुमार, पंचायत सचिव और अवधेश कुमार पाण्डेय की कथित मिलीभगत से योजनाओं के चयन और राशि निकासी में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई है। आरोप है कि कई योजनाओं को नियम-कायदों की अनदेखी कर स्वीकृत कराया गया और बिना कार्य कराए ही राशि की निकासी कर आपस में बंदरबांट की गई।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ खास लोगों के परिवार के कई सदस्यों, जिनमें भाई-भतीजा तथा पिता-पुत्री आदि शामिल हैं, के नाम पर योजनाएं स्वीकृत कराकर बिना काम कराए राशि उठाई गई। आवेदक ने वृक्षारोपण, सड़क मिट्टीकरण, पोखरा खुदाई, जल-जीवन-हरियाली के तहत कुआं जीर्णोद्धार, पीसीसी सड़क निर्माण सहित विभिन्न योजनाओं में कथित अनियमितता का आरोप लगाया है।
आवेदक का दावा है कि संबंधित योजनाओं का धरातलीय स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जाए तो कथित अनियमितताओं की सच्चाई सामने आ सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई योजनाओं में धरातल पर पांच प्रतिशत भी काम नहीं हुआ, जबकि पूरी राशि की निकासी कर ली गई है।
संजय प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया है कि अवधेश कुमार पाण्डेय स्थानीय सांसद के प्रतिनिधि हैं और उनके प्रभाव के कारण प्रखंड स्तर के अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर उन्हें खुली छूट मिली हुई है। हालांकि, ये सभी आरोप आवेदक द्वारा लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
मामले में भगवानपुर हाट की बीडीओ प्रियंका कुमारी ने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद उसे जांच के लिए संबंधित पदाधिकारी को भेज दिया गया है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।
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