टीएआरएल प्रशिक्षण के दूसरे दिन शिक्षकों को बच्चों के अधिगम स्तर के अनुसार पढ़ाने की दी गई जानकारी
सिसवन के हरेराम ब्रह्मचारी उच्च विद्यालय में आयोजित प्रशिक्षण में भाषा और गणित की दक्षता पहचानने तथा गतिविधि आधारित शिक्षण पर दिया गया जोर
सिवान (बिहार): हरेराम ब्रह्मचारी उच्च विद्यालय, सिसवन में मंगलवार को टीएआरएल प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के नामित शिक्षकों को बच्चों के वास्तविक अधिगम स्तर के अनुरूप शिक्षण करने की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बताया गया कि प्रत्येक बच्चे की सीखने की क्षमता और गति अलग-अलग होती है। इसलिए केवल कक्षा के आधार पर पढ़ाने के बजाय बच्चों के वास्तविक शैक्षणिक स्तर का आकलन कर उन्हें अलग-अलग समूहों में बांटकर पढ़ाना अधिक प्रभावी होता है।
प्रशिक्षकों ने भाषा एवं गणित में बच्चों की दक्षता पहचानने, उनके स्तर के अनुसार समूह बनाने तथा गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से पढ़ाई को सरल और रोचक बनाने के तरीके बताए। शिक्षकों को समझाया गया कि बच्चों के सीखने के स्तर के अनुरूप शिक्षण पद्धति अपनाने से उनकी बुनियादी दक्षताओं में सुधार लाया जा सकता है।
प्रशिक्षण के दौरान शिक्षण-अधिगम सामग्री के उपयोग, कक्षा में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने, खेल एवं अभ्यास आधारित गतिविधियों तथा नियमित आकलन के महत्व पर भी चर्चा की गई। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, ताकि वे विद्यालयों में इन विधियों को प्रभावी ढंग से लागू कर सकें।
चार प्रशिक्षकों ने संचालित किए विभिन्न सत्र
प्रशिक्षण के विभिन्न सत्रों का संचालन प्रशिक्षक कुमार सौरभ, मनोरंजन पांडेय, प्रकाश कुमार एवं विवेकानंद पांडेय ने किया। इस दौरान मध्य विद्यालय हरिहर छपरा की शिक्षिका संगीता कुमारी के नेतृत्व में वर्ग कक्ष के नियम विषय पर प्रस्तुत की गई प्रस्तुति की सराहना की गई।
प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को बच्चों के वास्तविक सीखने के स्तर की पहचान करने और उसी के अनुरूप शिक्षण गतिविधियां संचालित करने के लिए सक्षम बनाना है।

