मांझी रामघाट पर जलमार्ग प्लेटफार्म की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री के समक्ष मुद्दा उठाएंगे सांसद
- 12 नवंबर को अटल घाट के लोकार्पण समारोह में मुख्यमंत्री समेत कई मंत्री होंगे शामिल,
- पटना से अयोध्या तक जल जहाज परिचालन की जगी उम्मीद
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: मांझी नगर पंचायत के ऐतिहासिक रामघाट पर राष्ट्रीय जलमार्ग संख्या-40 (घाघरा नदी) के तहत फ्लोटिंग जेट्टी प्लेटफार्म को दोबारा शुरू करने की मांग तेज हो गई है। इसको लेकर महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल आगामी 12 नवंबर को रामघाट पर आयोजित होने वाले अटल घाट के लोकार्पण समारोह में केंद्रीय मंत्री के समक्ष स्थायी जलमार्ग प्लेटफार्म का मुद्दा उठाएंगे।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल के प्रयास से रामघाट पर फ्लोटिंग जेट्टी प्लेटफार्म स्थापित किया गया था। उस समय पटना से अयोध्या तक जलमार्ग के जरिए जल जहाज के परिचालन का सफल ट्रायल भी हुआ था। इस दौरान रामघाट पर जहाज का ठहराव किया गया था। हालांकि, घाघरा नदी में जलस्तर कम होने के कारण महज दो-तीन महीने बाद ही प्लेटफार्म को हटा दिया गया था।
अब एक बार फिर इस परियोजना के शुरू होने की उम्मीद जगी है। आगामी 12 नवंबर को रामघाट पर नवनिर्मित भव्य अटल घाट का लोकार्पण प्रस्तावित है। समारोह में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सी. आर. पाटिल और बिहार सरकार के नगर विकास मंत्री नितिन मिश्रा के शामिल होने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि इस अवसर पर सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल केंद्रीय मंत्री के समक्ष रामघाट पर स्थायी जलमार्ग प्लेटफार्म स्थापित करने की मांग रखेंगे। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो पटना से अयोध्या तक जलमार्ग से जहाज परिचालन की राह खुल सकती है।
जलमार्ग सेवा शुरू होने से मांझी के ऐतिहासिक रामघाट को पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार, व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

