बिजली गई तो बाढ़ में कट जाएगा पानापुर का संपर्क!
तुर्की के मोबाइल टावर से हटाया गया जनरेटर, आपदा के बीच नेटवर्क ठप होने की बढ़ी आशंका
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद बाढ़ के पानी से घिरे पानापुर में अब बिजली आपूर्ति को लेकर एक और बड़ी चिंता सामने आई है। बिजली आपूर्ति बाधित हुई तो बाढ़ के बीच मोबाइल नेटवर्क भी ठप हो सकता है। इससे प्रखंड मुख्यालय, थाना, राहत-बचाव टीमों और बाढ़ प्रभावित गांवों के बीच संचार व्यवस्था प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया है।
ग्रामीणों के अनुसार, तुर्की गांव स्थित एयरटेल के मोबाइल टावर से करीब चार-पांच महीने पहले जनरेटर हटा लिया गया था। ऐसे में बिजली कटने की स्थिति में टावर कितनी देर तक संचालित रह पाएगा, इसे लेकर ग्रामीणों में चिंता है।
बिजली कटने पर पहले भी दो दिन ठप रहा था नेटवर्क
ग्रामीणों ने बताया कि हाल के दिनों में आंधी-पानी के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित होने पर तुर्की स्थित मोबाइल टावर करीब दो दिनों तक बंद रहा था। इस दौरान क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क गायब हो गया था और लोगों को एक-दूसरे से संपर्क करने में काफी परेशानी हुई थी।
अब पानापुर के बड़े हिस्से में बाढ़ का पानी फैल चुका है। ऐसे में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर यदि मोबाइल नेटवर्क भी बंद हो गया तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
तटबंध टूटने के बाद बढ़ी संचार व्यवस्था की जरूरत
गुरुवार को चकिया पंचायत के सरौजा भगवानपुर के समीप सारण मुख्य तटबंध टूटने के बाद पानापुर के निचले इलाकों में तेजी से बाढ़ का पानी फैल गया। बड़ी संख्या में गांव प्रभावित हैं और प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव कार्य चलाया जा रहा है।
बाढ़ की स्थिति में मोबाइल फोन ग्रामीणों के लिए प्रशासन, पुलिस, रिश्तेदारों और राहत दलों तक सूचना पहुंचाने का प्रमुख माध्यम बन जाता है। किसी गांव में पानी बढ़ने, किसी व्यक्ति के फंसने, बीमार या गर्भवती महिला को तत्काल चिकित्सा सहायता की जरूरत होने, नाव की आवश्यकता पड़ने या राहत सामग्री नहीं पहुंचने जैसी सूचनाएं समय पर अधिकारियों तक पहुंचाना जरूरी होता है।
ऐसे में मोबाइल नेटवर्क बाधित होने से राहत और बचाव कार्यों के समन्वय में भी परेशानी पैदा हो सकती है।
प्रशासन और पुलिस के लिए भी चुनौती
नेटवर्क बाधित होने का असर केवल आम ग्रामीणों तक सीमित नहीं रहेगा। प्रखंड मुख्यालय, थाना, प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिसकर्मियों और राहत-बचाव दलों के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना भी आपदा की स्थिति में बेहद महत्वपूर्ण है।
ग्रामीणों का कहना है कि सामान्य दिनों में बिजली जाने पर मोबाइल नेटवर्क बंद होना परेशानी भर हो सकता है, लेकिन बाढ़ जैसी आपदा के दौरान यही समस्या गंभीर रूप ले सकती है। सड़क और आवागमन के कई रास्ते पहले ही प्रभावित हैं। ऐसे में यदि मोबाइल संपर्क भी टूट गया तो प्रभावित लोगों की मुश्किल और बढ़ सकती है।
टावर पर तत्काल बैकअप बिजली की मांग
ग्रामीणों ने संबंधित मोबाइल कंपनी और प्रशासन से तुर्की स्थित मोबाइल टावर पर तत्काल जनरेटर अथवा अन्य वैकल्पिक बिजली व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक टावर को निर्बाध रूप से संचालित रखना आवश्यक है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के बीच राहत और बचाव के लिए सड़क और नाव जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी संचार व्यवस्था भी है। इसलिए बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में मोबाइल नेटवर्क चालू रखने के लिए टावर पर पर्याप्त बैकअप बिजली की व्यवस्था तत्काल सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि आपदा की इस घड़ी में पानापुर का संपर्क बाकी दुनिया से न टूटे।

