भिखारी ठाकुर की जन्मभूमि पर गंगा कटाव का खतरा, रूडी की पहल पर शुरू हुआ बचाव कार्य
कुतुबपुर दियारा समेत आसपास के गांवों में घरों और कृषि भूमि पर मंडराया संकट, स्थायी समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी से सांसद ने की बात
सारण (बिहार) संवाददाता धर्मेंद्र रस्तोगी: भोजपुरी के शेक्सपियर कहे जाने वाले महान लोककवि एवं रंगकर्मी स्वर्गीय भिखारी ठाकुर की जन्मभूमि कुतुबपुर दियारा पर गंगा नदी के कटाव का खतरा मंडराने लगा है। सारण जिले के छपरा सदर प्रखंड की कोटवा पट्टी रामपुर पंचायत के कुतुबपुर दियारा, दयालचक, सबलपुर और सूरतपुर समेत आसपास के गांवों में कटाव के कारण घरों और कृषि भूमि को नुकसान पहुंचने की आशंका बढ़ गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने त्वरित पहल करते हुए जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने का निर्देश दिया। सांसद के संज्ञान में मामला आने के करीब एक घंटे के भीतर ही बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
ग्रामीणों की सूचना पर सांसद ने की त्वरित पहल
स्थानीय ग्रामीण हरेश सिंह, भुअर सिंह, बबलू सिंह, लोकनाथ सिंह, बीडीओ सिंह और विनोद सिंह सहित भाजपा नेता राकेश कुमार सिंह ने बुधवार सुबह सांसद के कंट्रोल रूम के माध्यम से गंगा कटाव की गंभीर स्थिति की जानकारी दी। सूचना मिलते ही सांसद राजीव प्रताप रूडी सक्रिय हुए और जल संसाधन विभाग के सदर एसडीओ नितेश कुमार, कार्यपालक अभियंता राजेश रंजन, सहायक अभियंता धर्मेंद्र कुमार तथा कनीय अभियंता विश्वजीत कुमार से दूरभाष पर बात की।
सांसद ने अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने और ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। इसके बाद विभाग की ओर से बचाव कार्य शुरू कराया गया। कटाव की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों को उम्मीद है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाने से उनके घरों और खेतों को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।
स्थायी समाधान के लिए उपमुख्यमंत्री से वार्ता
तात्कालिक बचाव कार्य शुरू होने के बाद सांसद राजीव प्रताप रूडी ने उपमुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी से दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने कुतुबपुर दियारा और आसपास के गांवों में गंगा कटाव से उत्पन्न खतरे की गंभीरता से अवगत कराते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
सांसद ने मंत्री को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कराने और कटाव रोकने के लिए प्रभावी एवं दीर्घकालिक उपाय सुनिश्चित करने का आग्रह भी किया। उनका कहना है कि केवल तात्कालिक बचाव कार्य पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि कटाव की समस्या का स्थायी समाधान निकालना जरूरी है।
घरों, खेती और सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा जरूरी
सांसद राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि गंगा नदी का कटाव केवल जमीन के क्षरण तक सीमित नहीं है। इससे ग्रामीणों के घर, कृषि भूमि, आजीविका और सुरक्षा पर भी गंभीर संकट पैदा होता है। कुतुबपुर दियारा भोजपुरी के महान लोककलाकार भिखारी ठाकुर की जन्मभूमि होने के कारण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है।
ऐसे में इस क्षेत्र को कटाव से सुरक्षित रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने तत्काल बचाव कार्यों के साथ दीर्घकालिक योजना तैयार करने पर बल दिया, ताकि ग्रामीणों की संपत्ति, कृषि भूमि और भोजपुरी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके। अब ग्रामीणों की नजर जल संसाधन विभाग की आगे की कार्रवाई और स्थायी कटावरोधी योजना पर टिकी है।

