मुखिया की रिश्तेदारी में सप्लायर एजेंसी, 20 लाख की खरीद पर उठे सवाल
सीवान के बलहां एराजी पंचायत में निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर विवाद, मुखिया के भैंसुर के नाम पर खरीद में नियमों के उल्लंघन का आरोप; जांच की मांग
सिवान (बिहार) | 29 अक्टूबर 2026
✍️ धर्मेंद्र रस्तोगी
सीवान जिले के भगवानपुर हाट प्रखंड की बलहां एराजी पंचायत में विकास योजनाओं के लिए निर्माण सामग्री की खरीद को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत की मुखिया पंपी कुमारी के भैंसुर अवधेश कुमार पांडेय के माध्यम से निर्माण सामग्री की आपूर्ति किए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पंचायत की विभिन्न योजनाओं के लिए उनके नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की सामग्री की खरीद दर्शाई गई है। इस मामले में रिश्तेदारी, सप्लाई बिल, दुकान के अस्तित्व और भुगतान की पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए हैं। हालांकि, किसी वित्तीय अनियमितता की पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसकी वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक ही पंचायत में निर्माण सामग्री की आपूर्ति पर सवाल
बलहां एराजी पंचायत की मुखिया पंपी कुमारी नवंबर 2021 में निर्वाचित हुई थीं। आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान भवन, सड़क और नाली निर्माण सहित विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट और सरिया की आपूर्ति अवधेश कुमार पांडेय के माध्यम से की गई। संबंधित बिलों में उन्हें सिविल संवेदक और निर्माण सामग्री सप्लायर के रूप में दर्शाए जाने की बात कही गई है।
शिकायतकर्ता संजय प्रसाद उर्फ साहेब का आरोप है कि सप्लायर के नाम पर कोई स्पष्ट व्यावसायिक दुकान नहीं है और दूसरे दुकानदारों से सामग्री लेकर संबंधित एजेंसी के नाम पर आपूर्ति दिखाई गई। ऐसे में यह जांच जरूरी है कि सामग्री वास्तव में कहां से खरीदी गई, किस दर पर आपूर्ति हुई और पंचायत की योजनाओं में उसका कितना उपयोग किया गया।
एक साल में 20 लाख रुपये से अधिक की खरीद का दावा
शिकायत में दावा किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान पंचायत की विकास योजनाओं के लिए अवधेश कुमार पांडेय के नाम पर 20 लाख रुपये से अधिक की निर्माण सामग्री की आपूर्ति दर्शाई गई है। इस संबंध में बिल, वाउचर, भुगतान अभिलेख और सामग्री प्राप्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच के बाद ही वास्तविक खरीद और भुगतान की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मामले में पंचायत सचिव की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि सप्लाई से संबंधित बिल पंचायत सचिव के स्तर पर तैयार किए गए और मुखिया के निकट संबंधी से सामग्री खरीदी गई। हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया में संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
मुखिया के लेटरपैड और सप्लाई वाउचर पर एक ही मोबाइल नंबर का दावा
शिकायतकर्ता संजय प्रसाद उर्फ साहेब ने दावा किया है कि मुखिया पंपी कुमारी के लेटरपैड और अवधेश कुमार पांडेय के सप्लाई वाउचर पर एक ही मोबाइल नंबर दर्ज है। इस बिंदु को भी जांच का विषय बताया गया है। शिकायतकर्ता ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और मंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मुखिया और सप्लायर के बीच रिश्तेदारी तथा कथित व्यावसायिक लेन-देन को लेकर उठे सवालों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि खरीद प्रक्रिया में निर्धारित नियमों का पालन किया गया या नहीं।
अवधेश कुमार पांडेय ने दी सफाई
आरोपों के संबंध में अवधेश कुमार पांडेय ने बताया कि निर्माण सामग्री की दुकान उनके घर पर ही चलती है। मोबाइल नंबर समान होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मुखिया का नंबर अलग है, लेकिन लोगों की सुविधा के लिए उनके नंबर का इस्तेमाल किया जाता है। उनकी सफाई के बावजूद दुकान की वास्तविक स्थिति, सामग्री की खरीद के स्रोत और बिलों की प्रामाणिकता की जांच से ही मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
जांच के बाद कार्रवाई की बात
भगवानपुर हाट के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी सर्वजीत कुमार ने कहा कि मुखिया के परिवार से निर्माण सामग्री की खरीद पर रोक है। यदि ऐसी खरीदारी हुई है, तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि पंचायत की योजनाओं में सामग्री की खरीद किन नियमों के तहत हुई, आपूर्ति और भुगतान से जुड़े दस्तावेज वास्तविक हैं या नहीं और क्या निर्धारित प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। निष्पक्ष जांच के बाद ही जिम्मेदारी तय हो सकेगी।

