अब कृषि में भी AI का होगा इस्तेमाल, प्रशिक्षण प्रारंभ
कृषि में AI का बढ़ेगा इस्तेमाल, मांझी में ग्रामीण युवाओं के पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारंभ
53 युवा एवं युवतियां ले रहे प्रशिक्षण; फसल निगरानी से लेकर ड्रोन तकनीक और कीट-रोग पहचान तक सिखाई जाएगी आधुनिक तकनीक
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर विकसित करने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, मांझी, सारण में बुधवार को ‘कृषि में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)’ विषय पर ग्रामीण युवा प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण में सारण जिले के विभिन्न प्रखंडों से 53 ग्रामीण युवा एवं युवतियां भाग ले रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का संयुक्त रूप से उद्घाटन डॉ. जितेन्द्र चन्द्र चंदोला, विषय विशेषज्ञ (उद्यान विज्ञान), डॉ. सुषमा टम्टा, विषय विशेषज्ञ (कृषि अभियांत्रिकी), डॉ. विजय कुमार, पीए-लैब टेक्नीशियन तथा सुश्री रूपम भारती, प्रखंड कृषि पदाधिकारी (प्रक्षेत्र), छपरा अनुमंडल, सारण ने किया।
फसल से लेकर मौसम तक में AI की भूमिका
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र मांझी के उद्यान विशेषज्ञ डॉ. जितेन्द्र चंदोला, कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ डॉ. सुषमा टम्टा और कृषि विज्ञान केन्द्र, सिवान के कृषि अभियांत्रिकी विशेषज्ञ इंजी. कृष्ण बहादुर क्षेत्री ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कृषि क्षेत्र में तेजी से उपयोगी तकनीक के रूप में सामने आ रहा है।
AI की मदद से फसल निगरानी, मौसम पूर्वानुमान, कीट एवं रोग की पहचान, सिंचाई प्रबंधन, उपज पूर्वानुमान, ड्रोन आधारित कृषि और स्मार्ट कृषि जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
युवाओं को मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण
प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण युवाओं को AI आधारित कृषि उपकरणों और तकनीकों के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण में AI आधारित कृषि सलाह, मौसम एवं फसल डेटा का उपयोग, फसल निगरानी, कीट एवं रोग पहचान, उपज पूर्वानुमान, ड्रोन तकनीक और डिजिटल कृषि उपकरणों से संबंधित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे।
आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य युवाओं को केवल तकनीकी जानकारी देना ही नहीं, बल्कि उन्हें कृषि क्षेत्र में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसरों से जोड़ना भी है।
किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने पर जोर
सुश्री रूपम भारती ने ग्रामीण युवाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से प्रशिक्षण में प्राप्त तकनीकी जानकारी को किसानों तक पहुंचाने की अपील की, ताकि आधुनिक कृषि तकनीकों का लाभ ग्रामीण स्तर तक पहुंच सके।
कार्यक्रम में शामिल प्रशिक्षुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्रशिक्षण का अधिकतम लाभ उठाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री राकेश कुमार एवं श्री अविनाश पांडेय ने सक्रिय सहयोग दिया। आयोजकों ने ग्रामीण युवाओं को कृषि में आधुनिक तकनीकों से जोड़ने की दिशा में इस प्रशिक्षण को महत्वपूर्ण पहल बताया।

