जिलाधिकारी ने मांझी के अटल घाट का किया निरीक्षण, सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विकास के दिए निर्देश
अटल घाट मांझी: पेवर ब्लॉक से बनेगा वॉकिंग ट्रैक, स्ट्रीट लाइट से जगमगाएगा परिसर
पौधारोपण और नए शेड के जरिए आध्यात्मिक स्थल के रूप में होगा विकास
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने शनिवार को मांझी स्थित अटल घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने घाट एवं आसपास के परिसर के सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और स्थल को स्वच्छ, सुंदर तथा व्यवस्थित बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने अटल घाट के समग्र विकास के लिए सुनियोजित कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया। उन्होंने घाट के चारों ओर पेवर ब्लॉक से वॉकिंग ट्रैक बनाने का निर्देश दिया, ताकि स्थानीय नागरिकों और यहां आने वाले लोगों को सुबह-शाम टहलने तथा समय बिताने की बेहतर सुविधा मिल सके।
घाट एवं वॉकिंग ट्रैक के आसपास पर्याप्त रोशनी के लिए स्ट्रीट लाइट लगाने को भी कहा गया। इससे परिसर में आवागमन सुविधाजनक होने के साथ लोगों को सुरक्षित वातावरण मिल सकेगा।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने घाट की सीढ़ियों को सुव्यवस्थित बनाने तथा आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत और सुदृढ़ीकरण के लिए कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि घाट का उपयोग लोगों के लिए सुविधाजनक और सुरक्षित होना चाहिए।
अटल घाट के सामने स्थित परिसर के विकास पर विशेष जोर देते हुए जिलाधिकारी ने कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत मांझी को सौंदर्यीकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठाने को कहा। परिसर में पौधारोपण कराने, नए शेड बनाने तथा लोगों के बैठने और विश्राम करने के लिए बेहतर व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया गया।
जिलाधिकारी ने अटल घाट और उसके सामने स्थित परिसर को आध्यात्मिक एवं आस्था के केंद्र के रूप में विकसित करने पर बल दिया। इसके लिए स्वच्छता, हरियाली, बैठने की समुचित व्यवस्था और आकर्षक परिवेश तैयार करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रस्तावित कार्यों की जरूरत का आकलन कर समन्वित कार्ययोजना तैयार करने तथा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी ने अटल घाट के विकास को मांझी के नागरिकों के लिए बेहतर सार्वजनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। प्रस्तावित कार्य पूरे होने पर घाट परिसर की उपयोगिता बढ़ने के साथ ही यह स्थान सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गतिविधियों के लिए अधिक आकर्षक बन सकेगा।

