एकमा में वासंतिक रबी महोत्सव का आयोजन, किसानों को प्राकृतिक खेती और पराली प्रबंधन की दी गई सलाह
प्रखंडस्तरीय कार्यशाला सह उपादान वितरण कार्यक्रम में जलवायु अनुकूल खेती, मोटे अनाज और संतुलित उर्वरक प्रयोग पर दिया गया जोर
सारण (बिहार) संवाददाता वीरेश सिंह: आत्मा (कृषि प्रौद्योगिकी प्रबंध अभिकरण), सारण के तत्वावधान में एकमा प्रखंड में वासंतिक रबी महोत्सव-2026 के तहत प्रखंडस्तरीय कार्यशाला सह उपादान वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। इस दौरान किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, प्राकृतिक एवं जैविक खेती तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के स्वागत और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। कार्यशाला को संबोधित करते हुए आत्मा के उप परियोजना निदेशक जितेंद्र कुमार वर्मा ने किसानों से फसल अवशेष यानी पराली नहीं जलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है। किसानों को पर्यावरण संरक्षण के साथ खेती की लागत कम करने के लिए प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने पर जोर देना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए कृषि समन्वयक राजेश कुमार विकल ने किसानों को जलवायु अनुकूल खेती के तहत मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देने की सलाह दी। उन्होंने रासायनिक उर्वरकों के संतुलित और नियंत्रित प्रयोग के संबंध में भी महत्वपूर्ण तकनीकी जानकारी साझा की।
वहीं, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजकुमार चौरसिया ने कृषि विभाग और आत्मा की ओर से संचालित विभिन्न प्रशिक्षण योजनाओं, किसान परिभ्रमण कार्यक्रमों तथा किसानों को मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने किसानों से विभागीय योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम में प्रखंड कृषि पदाधिकारी शुभम पाल, प्रखंड उद्यान पदाधिकारी मोहित कुमार सिंह, सहायक तकनीकी प्रबंधक राजेंद्र मौर्य एवं जमालुद्दीन अंसारी, कृषि समन्वयक प्रशांत मिश्रा, महेश सिंह, रमेश कुमार कुशवाहा और कल्पनाथ यादव सहित कृषि विभाग के कई कर्मी उपस्थित रहे। किसान सलाहकार अरुण सिंह, हरेराम पंडित, विकास कुमार सिंह और सविता दास समेत सैकड़ों किसानों ने भी कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम का समापन बीस सूत्रीय अध्यक्ष सह आत्मा अध्यक्ष उमेश सिंह ने किया। उन्होंने आयोजन में शामिल सभी अधिकारियों, कृषि कर्मियों, जनप्रतिनिधियों और किसानों के प्रति आभार व्यक्त किया।

